एक कंपनी ने 2025 की 'ईयर-एंड राइडिंग इनसाइट्स' जारी की है। यह रिपोर्ट भारत भर में 5 लाख से ज्यादा कनेक्टेड इलेक्ट्रिक स्कूटरों से मिले डाटा पर आधारित है। कंपनी की रिपोर्ट में भारतीय शहरों के ट्रैफिक और राइडर्स के व्यवहार को लेकर कई दिलचस्प खुलासे हुए हैं।
डाटा के मुताबिक, शहरों के हिसाब से हॉर्न बजाने और ब्रेक लगाने के पैटर्न में काफी अंतर देखा गया।
कोलकाता: यहां के राइडर्स देश में सबसे ज्यादा हॉर्न बजाते हैं। औसतन, एक राइडर हर घंटे 131 बार हॉर्न बजाता है। यह वहां के घने ट्रैफिक और आक्रामक ड्राइविंग को दर्शाता है।
बेंगलुरु: यहां के राइडर्स मुंबई की तुलना में चार गुना ज्यादा 'पैनिक ब्रेकिंग' यानी अचानक ब्रेक लगाते हैं। यह शहर के अप्रत्याशित ट्रैफिक और बार-बार रुकने-चलने वाली स्थितियों को उजागर करता है।
पुणे और हैदराबाद: इसके उलट, पुणे और हैदराबाद सबसे शांत शहरों में गिने गए, जहां राइडिंग का माहौल ज्यादा व्यवस्थित और अनुमान लगाने योग्य है।
छोटे शहर: दक्षिण भारत के टियर-2 शहरों और छोटे कस्बों में राइडिंग का व्यवहार काफी स्थिर देखा गया, जहां पैनिक ब्रेकिंग और हॉर्न बजाने की घटनाएं कम थीं।
सॉफ्टवेयर बन रहा है राइडिंग का अहम हिस्सा
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि ग्राहक अब कनेक्टेड फीचर्स को प्राथमिकता दे रहे हैं। वित्त वर्ष 2025 में काफी ग्राहकों ने इलेक्ट्रिक स्कूटर के साथ-साथ कनेक्टेड सॉफ्टवेयर सूट भी खरीदा है। यह साबित करता है कि राइडर्स सॉफ्टवेयर को सिर्फ एक 'एड-ऑन' नहीं, बल्कि अपने अनुभव को बेहतर बनाने वाली तकनीक के रूप में देखते हैं।"
सुरक्षा फीचर्स का इस्तेमाल
सुरक्षा से जुड़े सॉफ्टवेयर फीचर्स के इस्तेमाल में भी बढ़त देखी गई:
फॉल-सेफ: यह फीचर स्कूटर के गिरने पर मोटर को अपने आप बंद कर देता है। इसका एक्टिवेशन मुंबई और बेंगलुरु में कम (हर दो साल में एक बार प्रति स्कूटर) रहा, जबकि दिल्ली और हैदराबाद में इसकी दर काफी ज्यादा रही। यह वहां की खराब सड़कों और ट्रैफिक की स्थिति की ओर इशारा करता है।
लाइव लोकेशन शेयरिंग: आगरा, कोटा और नई दिल्ली जैसे शहरों के राइडर्स ने पोरवोरिम और रामनगर जैसे छोटे शहरों की तुलना में 2 से 3 गुना ज्यादा अपनी लाइव लोकेशन शेयर की।
डैशबोर्ड पर लाइव मैच का स्कोर भी चेक कर रहे हैं लोग
कनेक्टेड स्कूटर अब सिर्फ नेविगेशन तक सीमित नहीं हैं। रिपोर्ट में एक दिलचस्प उदाहरण दिया गया है। महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप फाइनल के दौरान, 31,000 से ज्यादा राइडर्स ने सीधे अपने स्कूटर के डैशबोर्ड पर लाइव मैच का स्कोर चेक किया। यह रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि भारत का इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मार्केट अब सिर्फ हार्डवेयर और बैटरी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक इंटरैक्टिव प्लेटफॉर्म में बदल रहा है जो लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है।