अशोक लेलैंड और श्रीराम ऑटोमॉल की इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य क्या है?
दोनों दिग्गजों ने पुराने व्यावसायिक वाहनों के बाजार को अधिक संगठित और पारदर्शी बनाने के लिए यह हाथ मिलाया है:
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सर्टिफाइड वाहनों का पारदर्शी इकोसिस्टम:
इस समझौते के तहत दोनों कंपनियां प्रमाणित पुराने व्यावसायिक वाहनों की खरीद और बिक्री के लिए एक मजबूत और पारदर्शी सिस्टम स्थापित करेंगी।
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गुणवत्ता का भरोसा और आसानी:
इसके माध्यम से पूरे भारत के ग्राहकों को गुणवत्ता-आश्वासन और भरोसेमंद वाहनों तक सीधी पहुंच मिलेगी, जिससे वे अधिक आत्मविश्वास और सुविधा के साथ खरीदारी कर सकेंगे।
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सीमलेस ओनरशिप का अनुभव:
इस नेटवर्क के जरिए पुराने कमर्शियल वाहनों को खरीदने और बेचने की पूरी प्रक्रिया को बहुत ही सरल, कुशल और सहज बनाया जाएगा।
इस साझेदारी पर दोनों कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों का क्या कहना है?
दोनों कंपनियों के नेतृत्व ने इस गठजोड़ को ग्राहकों के लिए बेहद फायदेमंद बताया है:
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अशोक लेलैंड, एलसीवी के अध्यक्ष विप्लव शाह ने क्या कहा:
"कमर्शियल वाहन उद्योग में अशोक लेलैंड के गहरे अनुभव को यूज्ड व्हीकल सेगमेंट में श्रीराम ऑटोमॉल के मजबूत नेटवर्क और कस्टमर बेस के साथ मिलाकर, हमारा लक्ष्य ग्राहकों के लिए अधिक वैल्यू तैयार करना और एक सहज ओनरशिप का अनुभव प्रदान करना है।"
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श्रीराम ऑटोमॉल इंडिया लिमिटेड के निदेशक एवं सीईओ, समीर मल्होत्रा ने क्या कहा:
"एक साथ मिलकर, हमारा लक्ष्य एक पारदर्शी, कुशल और विश्वसनीय प्लेटफॉर्म प्रदान करके ग्राहकों के लिए अधिक वैल्यू बनाना है, जो पूरे देश में पुराने कमर्शियल वाहनों की खरीद और बिक्री को बेहद सरल बनाएगा।"