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AI: क्या अब एक्सीडेंट होने से पहले ही मिल जाएगी चेतावनी? जानिए कैसे काम करता है नया एआई सिस्टम

Mon, 19 Jan 2026 01:02 PM IST
सुयश पांडेय ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिर्फ चैटबॉट, इमेज या वीडियो बनाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सड़क सुरक्षा में भी बड़ी भूमिका निभाने लगा है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में सामने आई जानकारी के मुताबिक, एआई तकनीक अब सड़क हादसों की भविष्यवाणी कर सकती है और समय रहते खतरे का अलर्ट देकर दुर्घटनाएं रोकने में मदद कर सकती है। 'सेव लाइफ फाउंडेशन' के संस्थापक और सीईओ पीयूष तिवारी ने बताया कि कैसे एआई-लैस ड्रोन और कैमरे हाईवे पर खड़ी गाड़ियों की पहचान कर सकते हैं, जो अक्सर बड़े हादसों की वजह बनती हैं।
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AI in Automobile - फोटो : X
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विस्तार
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जब हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बारे में सोचते हैं, तो सबसे पहले दिमाग में चैटजीपीटी, इमेज जनरेशन या वीडियो एडिटिंग का खयाल आता है। लेकिन अब एआई की भूमिका डिजिटल दुनिया से निकलकर हमारी सड़कों और कारों की सुरक्षा तक पहुंच गई है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में हुए एक खुलासे के मुताबिक, एआई अब सड़क हादसों की भविष्यवाणी करने में भी सक्षम है। 'सेव लाइफ फाउंडेशन' के संस्थापक और सीईओ पीयूष तिवारी ने दावोस में चल रही बैठक के दौरान बताया कि कैसे एआई ऑटोमोबाइल और मोबिलिटी सेक्टर में एक बड़ा बदलाव ला रहा है।

कैसे काम करती है यह तकनीक?

ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए यह जानना बेहद दिलचस्प है कि आखिर एआई सड़क हादसों को कैसे रोक सकता है। पीयूष तिवारी, जिन्होंने एक सड़क हादसे में अपने परिजन को खोने के बाद इस दिशा में काम शुरू किया, ने इसके कुछ बेहतरीन उदाहरण दिए:

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हाईवे पर 'खड़ी गाड़ियों' की पहचान: भारत में हाईवे पर अक्सर खराब या पार्क की गई गाड़ियों से पीछे से टक्कर होने के कारण भयानक हादसे होते हैं।
एआई का समाधान: इसके लिए एआई-लैस ड्रोन और कैमरों को प्रशिक्षित किया गया है। ये कैमरे हाईवे पर खड़ी गाड़ियों को पहले ही पहचान लेते हैं और संभावित खतरे का अलर्ट दे सकते हैं।
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चौराहों का हीटमैप: सबसे ज्यादा हादसे चौराहों पर होते हैं।
एआई का समाधान: एआई कैमरों का इस्तेमाल करके चौराहों पर वाहनों के बीच होने वाले 'कनफ्लिक्ट्स' को पहचाना जाता है। यह तकनीक गाड़ियों की निकटता आधार पर एक 'हीटमैप' तैयार करती है, जिससे यह पता चलता है कि चौराहे का कौन सा हिस्सा सबसे ज्यादा खतरनाक है।

सरकार का भी मिल रहा है साथ

सड़क सुरक्षा में एआई के इस इस्तेमाल को भारत सरकार का भी पूरा समर्थन मिल रहा है। हाल ही में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी एक पहल की घोषणा की थी, जिसमें सड़क दुर्घटनाओं के डाटा का विश्लेषण करने के लिए एआई का इस्तेमाल किया जाएगा। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि जिस डाटा को समझने और समाधान निकालने में पहले महीनों लग जाते थे। अब एआई की मदद से वह काम घंटों या मिनटों में हो सकेगा। इससे 'ब्लैक स्पॉट्स' (दुर्घटना संभावित क्षेत्र) को जल्दी ठीक करने में मदद मिलेगी।

मोबिलिटी का भविष्य: सुरक्षित और स्मार्ट

पीयूष तिवारी ने कहा, 'एआई में जीवन बदलने की क्षमता है। हम एआई को जनता के लिए ज्यादा सुलभ बनाने के लिए काम कर रहे हैं और हमारा लक्ष्य मोबिलिटी को सुरक्षित बनाना है।'

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