फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Adobe Report 2026: एशिया में Agentic AI अपनाने में भारत सबसे आगे, हर 10 में 6 भारतीय चाहते हैं अपना एआई एजेंट

Fri, 26 Jun 2026 05:04 PM IST
Suyash Pandey टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीे

सार

60% of Indians Want Personal AI Agents: एडोब की 2026 एआई और डिजिटल ट्रेंड्स रिपोर्ट के मुताबिक भारत, एजेंटिक एआई अपनाने में एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सबसे आगे है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 60% भारतीय अपना पर्सनल एआई एजेंट चाहते हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोग एआई आधारित शॉपिंग, कस्टमर सपोर्ट और वर्चुअल असिस्टेंट का इस्तेमाल करने के लिए तैयार हैं।
विज्ञापन
एडोब की रिपोर्ट - फोटो : एआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

फोटो और वीडियो एडिट करने वाले एआई टूल्स के बाद, अब भारतीय यूजर्स एक कदम और आगे बढ़ चुके हैं। अब जमाना एजेंटिक एआई का आ रहा है। आसान भाषा में कहें तो एजेंटिक एआई का मतलब एक ऐसे पर्सनल एआई असिस्टेंट से है, जो आपके लिए खुद फैसले ले सके और आपके रोजमर्रा के डिजिटल काम कर सके।

विज्ञापन


एडोब की 2026 एआई और डिजिटल ट्रेंड्स रिपोर्ट के मुताबिक, इस नई तकनीक को अपनाने के मामले में भारत ने पूरे एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सबको पीछे छोड़ दिया है। आइए समझते हैं कि इस रिपोर्ट में क्या खास बातें सामने आई हैं।


रिपोर्ट की खास बातें

भारतीय यूजर्स अब सिर्फ एआई से सवाल पूछने तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि वे शॉपिंग और कस्टमर सर्विस जैसे कामों के लिए इसे अपनी जिंदगी का हिस्सा बना रहे हैं:

  • खुद का एआई एजेंट: भारत के 60% लोग अपना खुद का पर्सनल एआई एजेंट बनाना चाहते हैं।
  • शॉपिंग में मददगार: लगभग 65% भारतीय यूजर्स सामान खरीदते समय व्यक्तिगत सुझाव के लिए एआई का इस्तेमाल कर रहे हैं।
  • कस्टमर सपोर्ट: 60% लोग अपनी समस्याओं को सुलझाने के लिए एआई-पावर्ड कस्टमर सपोर्ट पर भरोसा करते हैं।
  • वर्चुअल असिस्टेंट से शॉपिंग: 62% भारतीयों का कहना है कि वे अपने वर्चुअल पर्सनल एआई असिस्टेंट के जरिए खरीदारी करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

 

विज्ञापन

जब आपका एआई करेगा कंपनी से बात

रिपोर्ट में एक बहुत ही दिलचस्प ट्रेंड सामने आया है। भारतीय यूजर्स अब एआई को अपनी तरफ से बात करने की छूट देने को भी तैयार हैं:

  • 55% लोग किसी भी ब्रांड के एआई एजेंट के साथ चैट करने को तैयार हैं।
  • 58% लोगों को एजेंट-टू-एजेंट बातचीत से कोई दिक्कत नहीं है। यानी आपका एआई एजेंट, कंपनी के एआई एजेंट से बात करके आपका काम करा दे।
  • सबसे हैरानी की बात यह है कि 61% भारतीय अपने एआई एजेंट को यह अनुमति देने को तैयार हैं कि वह उनकी तरफ से कंपनी के किसी इंसान से बात करे।


ग्राहकों और कंपनियों की सोच में है बड़ा अंतर

इस रिपोर्ट में एक बात साफ उभर कर आई है कि एआई को लेकर ग्राहकों की उम्मीदें और कंपनियों के नजरिए में काफी अंतर है:

  • ग्राहक क्या चाहते हैं: यूजर्स के लिए सबसे जरूरी है- भरोसा, पारदर्शिता और उनकी समस्या का पक्का समाधान।
  • कंपनियां क्या चाहती हैं: दूसरी तरफ, कंपनियां एआई का इस्तेमाल मुख्य रूप से खर्च बचाने और अपने काम की रफ्तार बढ़ाने के लिए कर रही हैं।

 


एआई के इस्तेमाल में भरोसा है सबसे जरूरी

भारत के बिजनेस लीडर्स नई तकनीक को लेकर काफी उत्साहित हैं। 26% अधिकारियों ने कहा कि वे अपने कामकाज में नई तकनीक शामिल करने को लेकर पूरी तरह आत्मविश्वास में हैं, जो पूरे क्षेत्र में सबसे ज्यादा है। हालांकि, ग्राहकों का दिल जीतने के लिए कंपनियों को भरोसे पर काम करना होगा:

  • साफ जानकारी: 21% ग्राहकों का मानना है कि एआई के साथ चैट करते समय उन्हें एकदम सटीक और साफ जानकारी मिलनी चाहिए, तभी उनका भरोसा बनेगा।
  • इंसान से बात करने का विकल्प: 17% यूजर्स चाहते हैं कि भले ही वे एआई से बात कर रहे हों, लेकिन उनके पास किसी भी वक्त इंसानी प्रतिनिधि से जुड़ने होने का विकल्प हमेशा होना चाहिए।

कुल मिलाकर एडोब की यह रिपोर्ट बताती है कि भारतीय यूजर्स तकनीक के मामले में बहुत तेजी से अपडेट हो रहे हैं। वे अपने काम को आसान बनाने के लिए पर्सनल एआई एजेंट चाहते हैं, लेकिन कंपनियों को उनके भरोसे और प्राइवेसी का भी पूरा ध्यान रखना होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें