भारत का मीडियम और हेवी कमर्शियल व्हीकल (M&HCV) सेक्टर अब अगले ग्रोथ साइकल में प्रवेश कर चुका है। यह रफ्तार कई साल की सुस्त परफॉर्मेंस के बाद देखने को मिल रही है। नोमुरा की रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा रिकवरी अभी शुरुआती चरण में हैं, क्योंकि इंडस्ट्री वॉल्यूम अब भी एफवाई 19 के पीक लेवल से नीचे है। यानी आगे की तेज ग्रोथ की गुंजाइश बनी है।
एफवाई 21 में जहां ट्रैक्टर-ट्रेलर का शेयर 9 प्रतिशत था, वहीं एफवाई25 तक बढ़कर 22% हो गया है। हालांकि ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) लगभग पूरी तरह ऑपरेशनल हैं, लेकिन रोड-बेस्ड एमएससीवी डिमांड पर इनका असर सीमित माना जा रहा है।
नोमुरा ने टाटा मोटर्स सीवी को बाय रेटिंग दी है और टारगेट प्राइस 481 रखा है। इसमें करीब 22 प्रतिशत अपसाइड दिखता है। टाटा मोटर्स का एमएससीवी में 46 प्रतिशत मार्केट शेयर रहा है और अशोक लेलैंड का 31 प्रतिशत के लगभग, जोकि बड़ा बेनिफिशियरी माना गया है। नोमुरा के अनुसार, बढ़ती प्रॉफिटेबिलिटी और वॉल्यूम रिकवरी से आने वाले वर्षों में सीवी सेक्टर में सस्टेन्ड ग्रोथ देखने को मिल सकती है। अगर इकोनॉमिक ग्रोथ तेज रही, तो एफवाई27 में आंकड़े उम्मीद से भी बेहतर हो सकते हैं।