सार
Car Maintenance: कई बार सर्विस बुक खो जाने या सही तारीख याद न रहने के कारण लोग गाड़ी की सर्विस टाल देते हैं लेकिन आपकी कार खुद आपको संकेत देती है कि उसे देखभाल की जरूरत है। डैशबोर्ड पर वॉर्निंग लाइट का जलना, अजीब आवाजें आना, माइलेज में अचानक गिरावट, गाड़ी के नीचे से फ्लूइड लीक होना या स्टार्ट होने में परेशानी जैसे संकेत गंभीर खराबी की ओर इशारा करते हैं।
कार सर्विस वार्निंग साइन (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : एक्स
कई बार गाड़ी पुरानी होने पर हमें याद नहीं रहता कि आखिरी सर्विस कब करवाई थी। अक्सर लोग सर्विस बुक (जिसमें सर्विस का पूरा लेखा-जोखा होता है) भी खो देते हैं। वैसे तो गाड़ी की सर्विस सही समय या तय किलोमीटर पर ही करानी चाहिए लेकिन कई बार हमारी गाड़ियां खुद हमें संकेत देती हैं कि उन्हें देखभाल की जरूरत है। अगर आप रोज ड्राइव करते हैं और इन संकेतों को नजरअंदाज करते हैं तो आगे चलकर मोटा बिल तो फटेगा ही साथ ही ये आपके और सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों के लिए भी खतरनाक हो सकता है। ऐसे में इस लेख के जरिए आप जान सकते हैं कि बिना सर्विस बुक के भी आप गाड़ी के किन संकेतों से उसकी 'हेल्थ' पहचान सकते हैं...
1. डैशबोर्ड पर वॉर्निंग लाइट्स का जलना
गाड़ी के स्टीयरिंग के पीछे वाली स्क्रीन को डैशबोर्ड कहते हैं। इसमें वो सभी संकेत होते हैं जिनकी जरूरत गाड़ी चलाते समय पड़ती है। डैशबोर्ड पर लगी लाइटें आपकी गाड़ी का 'हेल्थ रिपोर्ट कार्ड' होती हैं। अगर ड्राइव करते समय आपको चेक इंजन लाइट ऑयल प्रेशर , बैटरी या ब्रेक लाइट जलती दिखे तो समझ जाइए कि कोई मैकेनिकल या इलेक्ट्रिकल खराबी है। कई बार फ्यूल कैप ढीली होने या सेंसर में खराबी से भी 'चेक इंजन' लाइट जल जाती है। इसे नजरअंदाज करने से इंजन फेलियर या पावर लॉस जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
2. गाड़ी चलाते समय अजीब आवाजें आना
अगर ड्राइव के दौरान खटखट, ब्रेक घिसने या सस्पेंशन से कोई भी असामान्य आवाज सुनाई दे तो सावधान हो जाएं। ब्रेक से आने वाली तीखी आवाज बताती है कि आपके ब्रेक पैड्स घिस चुके हैं और उन्हें तुरंत बदलने की जरूरत है। वहीं, इंजन की तरफ से आने वाली 'चीखने' जैसी आवाज अक्सर खराब या ढीली 'सर्पेन्टाइन बेल्ट' के कारण होती है जो अल्टरनेटर और पावर स्टीयरिंग जैसे हिस्सों को चलाती है।
3. माइलेज में अचानक गिरावट
अगर आपकी कार का माइलेज अचानक गिर गया है तो यह संकेत है कि इंजन फ्यूल को सही तरीके से जला नहीं पा रहा है। यह गंदे एयर फिल्टर, खराब स्पार्क प्लग या टायरों में हवा कम होने की वजह से हो सकता है। समय पर जांच कराने से न सिर्फ गाड़ी की उम्र बढ़ेगी, बल्कि आपकी जेब पर पड़ने वाला फ्यूल का खर्च भी कम होगा।
4. लिक्विड या फ्लूइड का लीक होना
गाड़ी पार्क करने के बाद अगर आपको नीचे जमीन पर कोई तरल पदार्थ गिरा दिखता है तो यह खतरे की घंटी है। इंजन ऑयल लीक होने से लुब्रिकेशन कम हो जाता है जिससे इंजन के पुर्जे आपस में घिसकर खराब हो सकते हैं। अगर हरा या गुलाबी रंग का पानी गिर रहा है तो इंजन ओवहीट हो सकता है। इसी तरह गियर बदलने में परेशानी आ रही है तो यह ट्रांसमिशन ऑयल लीक होने की वजह से हो सकता है।
5. स्टार्ट होने में परेशानी या बार-बार बंद होना
अगर गाड़ी स्टार्ट होने में नखरे कर रही है या बीच-बीच में झटका देकर बंद हो रही है तो यह खराब बैटरी, फ्यूल सप्लाई में रुकावट या इग्निशन सिस्टम की खराबी हो सकती है। शुरुआत में ये समस्याएं छोटी लग सकती हैं लेकिन इन्हें नजरअंदाज करने पर गाड़ी बीच सड़क पर रुक सकती है जिससे दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है।
हमारे यहां एक कहावत है 'अग्र सोची सदा सुखी'। यानी जो इंसान समय से पहले तैयारी रखता है वह हमेशा खुश रहता है। गाड़ी के मामले में भी यही नियम लागू होता है। गाड़ी खराब होने का इंतजार न करें। अगर गाड़ी संकेत दे रही है तो उसे गंभीरता से लें और तुरंत एक्शन लें।