भारत की गर्मियां किसी परीक्षा से कम नहीं होतीं। जब पारा 40°C के पार जाता है तो सिर्फ हमें ही नहीं, हमारी कार के इंजन को भी पसीने छूटने लगते हैं। ट्रैफिक जाम और चिलचिलाती धूप में इंजन का तापमान बढ़ना एक आम समस्या है। इसे 'इंजन ओवरहीटिंग' कहते हैं। अगर इस पर ध्यान न दिया जाए तो यह आपकी जेब पर भारी खर्चा और रास्ते में बड़ा ब्रेकडाउन ला सकता है। आइए जानते हैं कि गर्मियों में अपनी कार को कूल कैसे रखें।
इंजन आखिर गर्म क्यों होता है?
कार का इंजन चलते समय काफी गर्मी पैदा करता है। इसे नियंत्रित करने के लिए कूलिंग सिस्टम और कूलेंट लगातार काम करते हैं। लेकिन गर्मियों के दौरान, जब बाहरी हवा का तापमान पहले से ही बहुत अधिक होता है तो इंजन की इस गर्मी को बाहर निकालना सिस्टम के लिए चुनौतीपूर्ण हो जाता है। अक्सर कूलेंट के कम होने, रेडिएटर में गंदगी जमा होने या इंजन ऑयल के पुराने और कम होने जैसे कारणों से यह समस्या और बढ़ जाती है। इसी वजह से इंजन ओवरहीट होने लगता है।"
कार को ओवरहीटिंग से बचाने के 5 आसान तरीके
1. कूलेंट लेवल चेक करते रहें
इंजन को सुरक्षित रखने के लिए समय-समय पर कूलेंट लेवल चेक करते रहना बेहद जरूरी है। कूलेंट वह खास लिक्विड है जो इंजन की बढ़ती गर्मी को सोखकर उसे ठंडा बनाए रखता है इसलिए हर हफ्ते या किसी भी लंबी ट्रिप पर निकलने से पहले इसके टैंक की जांच जरूर करें। यहां एक जरूरी बात यह है कि टैंक में सिर्फ सादा पानी डालने की गलती न करें। हमेशा सही कूलेंट मिक्स का ही इस्तेमाल करें क्योंकि सादा पानी इंजन के अंदरूनी हिस्सों में जंग पैदा कर सकता है जो आगे चलकर बड़े नुकसान का कारण बनता है।
2. रेडिएटर की सफाई है जरूरी
इंजन की गर्मी को बाहर निकालने की मुख्य जिम्मेदारी रेडिएटर की होती है, जो हवा के जरिए कूलेंट को ठंडा करता है। हालांकि, अगर इसकी जाली में धूल, मिट्टी या छोटे कीड़े फंस जाएं तो हवा का प्रवाह रुक जाता है और इंजन तेजी से गर्म होने लगता है। इससे बचने के लिए यह बहुत जरूरी है कि आप समय-समय पर रेडिएटर को प्रेशर गन से साफ करवाते रहें और साथ ही इसके पाइप्स की भी बारीकी से जांच करें ताकि किसी भी तरह के लीकेज की गुंजाइश न रहे।
3. इंजन ऑयल पर ध्यान दें
अक्सर लोग मानते हैं कि इंजन ऑयल सिर्फ पुर्जों के घर्षण को रोकने के लिए होता है। लेकिन असल में यह इंजन की गर्मी को कम करने में भी एक बड़ी भूमिका निभाता है। ऐसे में यह बेहद जरूरी हो जाता है कि अगर आपकी कार का तेल काला पड़ गया है या उसका लेवल कम है तो उसे बिना देरी किए बदलवा लें। साथ ही, इंजन की लंबी उम्र के लिए हमेशा कार कंपनी के जरिए बताए गए सही ग्रेड के ऑयल का ही इस्तेमाल करना चाहिए।
4. भारी ट्रैफिक में 'आइडलिंग' से बचें
भारी ट्रैफिक जाम में फंसी गाड़ी को लंबे समय तक चालू रखना भी इंजन के लिए खतरनाक हो सकता है। क्योंकि खड़ी स्थिति में इंजन को वह ताजी हवा नहीं मिल पाती जो चलते समय उसे ठंडा रखती है। इस वजह से इंजन के जल्दी गर्म होने का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए बेहतर यही है कि अगर आपको किसी जगह पर 1-2 मिनट से ज्यादा रुकना पड़े तो गाड़ी का इंजन बंद कर दें। इससे न केवल इंजन का तापमान सुरक्षित बना रहता है, बल्कि ईंधन की भी बचत होती है।
5. मीटर पर नजर रखें
ड्राइविंग के दौरान अपनी कार के डैशबोर्ड पर दिए गए टेम्परेचर गेज या वार्निंग लाइट पर लगातार नजर बनाए रखना बहुत जरूरी है। क्योंकि यही सुई आपको इंजन के तापमान का हाल बताती रहती है। अगर आप देखें कि सुई 'H' (हॉट) के निशान की तरफ जा रही है या इंजन टेम्परेचर की लाल लाइट जलने लगी है तो इसे खतरे का संकेत समझें। ऐसी स्थिति में बिना देरी किए गाड़ी को तुरंत किसी सुरक्षित जगह पर रोक देना चाहिए, ताकि इंजन को किसी बड़े नुकसान से बचाया जा सके।
अगर रास्ते में इंजन ओवरहीट हो जाए तो क्या करें?
अगर ड्राइविंग के दौरान अचानक इंजन ओवरहीट हो जाए तो सबसे पहले घबराएं नहीं और बस कुछ जरूरी स्टेप्स को फॉलो करें। सबसे पहले गाड़ी को तुरंत सड़क के किनारे सुरक्षित जगह पर लगाकर इंजन बंद कर दें। इसके बाद सावधानी से बोनट खोल दें ताकि अंदर फंसी हुई गर्मी बाहर निकल सके। यहां सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि गलती से भी गर्म इंजन का रेडिएटर कैप (ढक्कन) न खोलें, क्योंकि प्रेशर की वजह से खौलता हुआ पानी बाहर छलक सकता है जिससे आप बुरी तरह जल सकते हैं। इंजन को कम से कम 30-45 मिनट तक पूरी तरह ठंडा होने दें और उसके बाद ही कूलेंट लेवल चेक करें या किसी मैकेनिक को मदद के लिए बुलाएं।