Car Suspension: कार का सस्पेंशन सिर्फ आरामदेह सफर के लिए नहीं, बल्कि ड्राइविंग सेफ्टी, कंट्राेल और स्टेबिलिटी के लिए भी जरुरी होता है। क्योंकि खराब सस्पेंशन न केवल राइड क्वालिटी बिगाड़ता है, बल्कि किसी हादसे का कारण भी बन सकता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऐसे कौन-से शुरुआती लक्षण हैं, जो इस ओर इशारा करते हैं कि आपका सस्पेंशन खराब हो रहा है। आइए जानते हैं कार सस्पेंशन खराब होने के बड़े संकेतों और देखभाल के जरूरी टिप्स।
Car Suspension Problems: कार चलाते वक्त सड़क की ऊबड़-खाबड़ बनावट, गड्ढों और मोड़ों पर संतुलन बनाए रखने का पूरा जिम्मा गाड़ी के सस्पेंशन सिस्टम पर होता है। यह टायरों की सड़क पर ग्रिप (पकड़) बनाए रखता है और केबिन में बैठे यात्रियों को झटकों से बचाता है। इसलिए समय और लगातार इस्तेमाल के साथ सस्पेंशन के मुख्य पार्ट्स जैसे शॉक अब्जॉर्बर, स्ट्रट्स और स्प्रिंग्स कमजोर होने लगते हैं। और अगर इन पर ध्यान न दिया जाए तो बड़ा नुकसान हो सकता है।
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सस्पेंशन खराब होने के पांच संकेत
अगर आपकी गाड़ी में नीचे दिए गए ये लक्षण नजर आ रहे हैं, तो समझ जाएं कि सस्पेंशन मरम्मत या रिप्लेसमेंट मांग रहा है:
1. गाड़ी में हद से ज्यादा उछाल और झटके
अगर छोटी-सी उबड़-खाबड़ सड़क या गड्ढे में जाते ही आपकी कार अत्यधिक उछलने लगती है या केबिन में तेज झटके महसूस होते हैं, तो यह शॉक अब्जॉर्बर या स्ट्रट्स के डैमेज होने का इशारा हो सकता है। एक दुरुस्त सस्पेंशन सड़क के हर छोटे-बड़े झटके को आसानी से सोख लेता है।
2. टायरों का असमान रूप से घिसना
खराब सस्पेंशन की वजह से गाड़ी का पूरा वजन सभी पहियों पर समान रूप से नहीं बंट पाता। इसका नतीजा यह होता है कि टायरों के किनारे ( असामान्य रूप से तेजी से घिसने लगते हैं। इसलिए टायरों की स्थिति की नियमित जांच करते रहना चाहिए।
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3. स्पीड ब्रेकर या गड्ढों पर अजीब आवाजें आना
ब्रेकर या खराब रास्तों से गुजरते समय अगर गाड़ी के निचले हिस्से से क्लंक, क्लैटर या स्क्वीक जैसी आवाजें आएं, तो समझें कि बॉल जॉइंट्स, कंट्रोल आर्म्स या स्वे बार लिंक्स में खराबी आ चुकी है।
4. चलाते या ब्रेक लगाते समय कार का एक तरफ झुकना
सीधी सड़क पर स्टीयरिंग पकड़ने या ब्रेक दबाने के दौरान अगर कार अपने-आप बाईं या दाईं ओर खींचने या झुकने लगे, तो यह इस बात का इशारा करता है कि सस्पेंशन का बैलेंस बिगड़ चुका है। इससे गाड़ी की हैंडलिंग पर बुरा असर पड़ता है और दुर्घटना का जोखिम बढ़ जाता है।
5. ऑयल लीकेज या पार्ट्स का मुड़ना
अगर शॉक अब्जॉर्बर से तेल रिस्ता दिखाई दे या सस्पेंशन के नीचे ग्रीस जमी नजर आए, तो यह खराबी का स्पष्ट प्रमाण है। गाड़ी को ऊपर उठाकर देखने पर यदि कोई कंपोनेंट मुड़ा हुआ, जंग लगा या फटा हुआ दिखे तो उसे तुरंत बदलवाएं।
सस्पेंशन की देखभाल कैसे करें?
अगर आप के कार में ऊपर बताए गए संकेत दिख रहे हैं, तो उन्हें नजरअंदाज न करें। साथ ही यह उपाय करें।
हर 10 हजार से 15,000 किलोमीटर चलने के बाद किसी प्रोफेशनल मैकेनिक से सस्पेंशन की पूरी जांचजरूर करवाएं।
मय पर सस्पेंशन की जांच कराने और मरम्मत करवाने से न केवल आप किसी बड़ी सड़क दुर्घटना से बच सकते हैं, बल्कि भविष्य में होने वाले भारी-भरकम खर्च से भी अपनी जेब को सुरक्षित रख सकते हैं।