गाड़ी का एक्सीडेंट के बाद इंश्योरेंस क्लेम फाइल करने पर अगर बीमा कंपनी उसे रिजेक्ट कर देती है, तो परेशानी और बढ़ जाती है। अक्सर लोग मान लेते हैं कि बीमा कंपनियां पैसा बचाने के लिए क्लेम खारिज करती हैं। हालांकि, कई मामलों में क्लेम रिजेक्ट होने की वजह पॉलिसीधारक की गलती या पॉलिसी की शर्तों का उल्लंघन हो सकती है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि किन परिस्थितियों में कार का इंश्योरेंस क्लेम खारिज हो सकता है।
ड्राइविंग लाइसेंस में समस्या
इसके अलावा अगर एक्सीडेंट के समय ड्राइवर के पास वैध और सही कैटेगरी का ड्राइविंग लाइसेंस होना जरूरी है। अगर किसी व्यक्ति के पास सिर्फ टू-व्हीलर चलाने का लाइसेंस है और वह कार चलाते हुए दुर्घटना का शिकार हो जाता है, तो इंश्योरेंस क्लेम खारिज हो सकता है। इसी तरह एक्सपायर्ड ड्राइविंग लाइसेंस के साथ गाड़ी चलाने पर भी क्लेम को लेकर समस्या हो सकती है।
क्लेम रिजेक्ट हो जाए तो क्या करें?
अगर आपको लगता है कि आपका इंश्योरेंस क्लेम गलत तरीके से खारिज किया गया है, तो सबसे पहले बीमा कंपनी के आंतरिक शिकायत निवारण सेल में शिकायत या अपील की जा सकती है। इसके अलावा शिकायत का समाधान नहीं होने पर आईआरडीएआई (इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया) के संबंधित शिकायत निवारण माध्यम का इस्तेमाल किया जा सकता है।
इसलिए कार का इंश्योरेंस कराते समय सिर्फ प्रीमियम पर ध्यान देने के बजाय पॉलिसी की शर्तों को भी अच्छी तरह पढ़ना जरूरी है। साथ ही पॉलिसी समय पर रिन्यू कराएं, वैध ड्राइविंग लाइसेंस रखें और कार का इस्तेमाल उसी उद्देश्य के लिए करें जिसके लिए उसका बीमा कराया गया है।