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एडवांस्ड ड्राइवर-असिस्टेंट सिस्टम: कैसे बचाता है दुर्घटनाओं से? जानिए कारों के ये स्मार्ट सेफ्टी फीचर्स

Sat, 14 Feb 2026 01:59 PM IST
सुयश पांडेय ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Advanced Driver Assistance Features: एडवांस्ड ड्राइवर-असिस्टेंट सिस्टम (ADAS) आधुनिक कारों की एक महत्वपूर्ण सेफ्टी तकनीक है जो ड्राइविंग के दौरान ड्राइवर की मदद करती है और दुर्घटनाओं के खतरे को कम करती है।

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एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंट फीचर्स - फोटो : मर्सिडीज
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विस्तार
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आज की आधुनिक गाड़ियां सिर्फ इंजन और लोहे का ढांचा नहीं रह गई हैं बल्कि वे स्मार्ट और इंटेलिजेंट मशीनों में बदल चुकी हैं। नई तकनीकों की वजह से कारें पहले से ज्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक हो गई हैं। इन तकनीकों में सबसे अहम है एडवांस्ड ड्राइवर-असिस्टेंट सिस्टम (ADAS) जो ड्राइविंग के दौरान ड्राइवर की मदद करते हैं और दुर्घटनाओं के खतरे को कम करते हैं। ये सिस्टम समय पर चेतावनी देते हैं, जरूरत पड़ने पर अपने-आप ब्रेक लगा सकते हैं और वाहन को सही लेन में बनाए रखने में मदद करते हैं। 

ऑटोमेटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग (AEB): खुद लगाता है ब्रेक

ऑटोमेटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग एक बेहद महत्वपूर्ण सेफ्टी फीचर है। यह सिस्टम आगे किसी वाहन या बाधा से टकराने की संभावना को पहचान लेता है। अगर ड्राइवर समय पर प्रतिक्रिया नहीं देता तो यह सिस्टम खुद ही ब्रेक लगा देता है। इससे या तो दुर्घटना पूरी तरह टल जाती है या उसका असर काफी कम हो जाता है। खासकर पीछे से होने वाली टक्करों को रोकने में यह फीचर बहुत प्रभावी माना जाता है।

एडाप्टिव क्रूज कंट्रोल (ACC): सुरक्षित दूरी बनाए रखता है

एडाप्टिव क्रूज कंट्रोल पारंपरिक क्रूज कंट्रोल का उन्नत रूप है। यह सिस्टम आगे चल रहे वाहन के अनुसार आपकी कार की स्पीड अपने-आप कम या ज्यादा कर देता है। इसमें रडार और सेंसर का इस्तेमाल होता है जो सामने के ट्रैफिक को मॉनिटर करते हैं। इससे ड्राइवर को बार-बार ब्रेक या एक्सीलेटर दबाने की जरूरत नहीं पड़ती और लंबी ड्राइव के दौरान तनाव कम होता है।

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लेन कीपिंग असिस्ट (LKA): गाड़ी को लेन में बनाए रखता है

लेन कीपिंग असिस्ट सड़क की लेन मार्किंग को पहचानता है। अगर गाड़ी बिना इंडिकेटर दिए अपनी लेन से बाहर जाने लगती है तो यह सिस्टम हल्का स्टीयरिंग कंट्रोल या ब्रेक लगाकर वाहन को वापस लेन में लाता है। यह फीचर हाईवे पर खास तौर पर उपयोगी होता है और साइड से होने वाली टक्करों के खतरे को कम करता है।

लेन डिपार्चर वार्निंग: पहले चेतावनी देता है

लेन डिपार्चर वार्निंग सिस्टम ड्राइवर को अलर्ट करता है जब वाहन अनजाने में लेन से बाहर जाने लगता है। यह अलर्ट विजुअल, साउंड या स्टीयरिंग वाइब्रेशन के रूप में मिल सकता है। कुछ उन्नत सिस्टम में इमरजेंसी लेन कीपिंग भी होता है जो ड्राइवर के प्रतिक्रिया न देने पर गाड़ी को खुद ही सही लेन में वापस ले आता है।

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कोलिजन अवॉइडेंस असिस्ट: टक्कर से बचाने में मददगार

कोलिजन अवॉइडेंस सिस्टम सड़क पर मौजूद वाहनों, पैदल यात्रियों या साइकिल सवारों को पहचानता है। यह ड्राइवर को चेतावनी देता है और जरूरत पड़ने पर ब्रेक लगाने में मदद करता है। यह सिस्टम पार्किंग या कम स्पीड में भी आसपास की बाधाओं को पहचानकर दुर्घटनाओं से बचाने में मदद करता है।

ADAS क्यों है इतना जरूरी?

ADAS तकनीक ने सड़क सुरक्षा को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है। ये सिस्टम ड्राइवर को तेजी से प्रतिक्रिया देने, वाहन पर बेहतर नियंत्रण बनाए रखने और खतरनाक स्थितियों से बचने में मदद करते हैं। हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये फीचर्स ड्राइवर की जगह नहीं लेते। ड्राइवर को हमेशा सतर्क रहना चाहिए और इन तकनीकों का इस्तेमाल जिम्मेदारी से करना चाहिए। जैसे-जैसे ऑटोमोबाइल तकनीक आगे बढ़ रही है ADAS जैसे स्मार्ट फीचर्स आने वाले समय में सड़कों को और सुरक्षित बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

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