पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी
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100 से 5,000 स्टेशनों तक पहुंचेगा नेटवर्क
- इस मौके पर केंद्र सरकार ने एलान किया कि फ्लेक्स फ्यूल इंफ्रास्ट्रक्चर को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा। हरदीप सिंह पुरी के अनुसार शुरुआत में 100 E85 फ्यूल स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इसके बाद दिसंबर 2026 तक इनकी संख्या बढ़ाकर 500 की जाएगी।
- वहीं, 2027 के अंत तक देश के प्रमुख शहरों में लगभग 5,000 E85 आउटलेट संचालित करने करने की तैयारी है। सरकार का मानना है कि व्यापक नेटवर्क बनने से फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को अपनाना आसान होगा।
दोपहिया से चारपहिया तक पहुंची फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक
- पुरी ने कहा कि भारत के मोबिलिटी सेक्टर में तेजी से बदलाव हो रहा है। अब तक फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक मुख्य रूप से दोपहिया वाहनों तक सीमित थी, लेकिन अब यह चारपहिया वाहनों में भी मौजूद है।
- इस दौरान मारुति सुजुकी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वैगनआर की फ्लेक्स-फ्यूल लाॅन्चिंग इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
- उनका मानना है कि इससे फ्लेक्स-फ्यूल इकोसिस्टम को नई गति मिलेगी और अधिक वाहन निर्माता भी इस क्षेत्र में निवेश कर सकेंगे।
किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा
इतना ही नहीं, इसका फायदा सिर्फ आम जनता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि हमारे देश के किसानों को भी इसका खास लाभ होगा। सरकार का कहना है कि फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों का विस्तार सिर्फ ऊर्जा क्षेत्र तक सीमित नहीं रखा जाएगा, इसका सीधा लाभ किसानों तक पहुंचाया जाएगा।
किसानों को कैसे होगा फायदा
- किसानों के फायदे को समझाते हुए पुरी ने कहा कि अगर देश में बिकने वाले 50 प्रतिशत नए टू-व्हीलर यानी दोपहिया वाहन और फोरव्हीलर यानी चार पहिया वाहन मॉडल में बदल जाते हैं, तो इससे 311.8 करोड़ लीटर अतिरिक्त इथेनॉल की मांग पैदा होगी।
- इससे किसानों को लगभग 12,403 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय मिल सकती है। उन्होंने कहा कि यह पहल किसानों को केवल अन्नदात ही नहीं बल्कि ऊर्जादाता बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
कार्बन उत्सर्जन में भी आएगी बड़ी कमी
इसी के साथ पर्यावरण को भी इस तकनीक का बड़ा फायदा होगा। सरकार के अनुमान के अनुसार, अगर फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों का व्यापक इस्तेमाल शुरू होता है तो देश में करीब 66.4 लाख मीट्रिक टन कार्बन उत्सर्जन कम किया जा सकता है।
इससे न केवल प्रदूषण कम हो सकता है, बल्कि भारत के स्वच्छ ऊर्जा और नेट-जीरो लक्ष्यों को हासिल करने में भी मदद मिलेगी।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी
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