देश कोरोना वायरस के संकट से परेशान है। इस कोरोना वायरस के चलते देश में विवाह समारोह में भी संकट छाया हुआ है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार खरमास के खत्म होते ही विवाह लग्न आरंभ हो जाते हैं। इस बार 15 अप्रैल से विवाह के शुभ मुहूर्त आरंभ हो रहे हैं। अप्रैल के महीने में कुल पांच विवाह के शुभ मुहूर्त हैं, लेकिन देश में लॉकडाउन के चलते विवाह समारोह रद्द हो रहे हैं। पंचांग के अनुसार इस साल विवाह के शुभ मुहूर्त बहुत ही कम है। अप्रैल और मई के महीने में विवाह के शुभ मुहूर्त है। लॉकडाउन के चलते ये विवाह कार्यक्रम लोग आगे बढ़ा रहे हैं। जून के महीने में सिर्फ 3 शुभ मूहूर्त हैं। इस लॉकडाउन के चलते विवाह के कारोबार में लगे हुए लोगों को भी काफी नुकसान उठाने का अंदेशा है। एक अनुमान के मुताबिक देश में हर साल करीब 1 से 1.2 करोड़ शादियां होती हैं। अगर लॉकडाउन का समय आगे बढ़ा तो यह पहली बार होगा जब अक्षय तृतीया के शुभ मौके पर विवाह संपन्न नहीं हो सकेगा।
कब-कब नहीं होंगे विवाह
- शुक्र के अस्त होने की वजह से 29 मई से 12 जून तक विवाह का कोई भी शुभ मुहूर्त नहीं है।
- देवशयनी एकादशी से भी विवाह के कार्यक्रम बंद हो जाते हैं। ऐसे में 1 जुलाई से 24 नवंबर तक कोई भी विवाह का शुभ मुहूर्त नहीं है।
- धनु संक्रांति के कारण भी विवाह संपन्न नहीं किए जाते। धनु संक्रांति 15 दिसंबर से 14 जनवरी 2021 तक है।
- गुरु के अस्त होने पर भी विवाह थम जाते हैं। ऐसे में 19 जनवरी से 11 फरवरी 2021 तक शुभ विवाह नहीं हो सकेंगे।
- इसके बाद 21 फरवरी से 12 अप्रैल 2021 तक शुक्र अस्त होने से भी विवाह नहीं हो सकता ।
2020 में विवाह मुहूर्त की तारीखें
अप्रैल- 15, 20, 25, 26, 27
मई- 1, 2, 4, 6, 17, 18, 19
जून- 13, 15, 30
1 जुलाई से 24 नवंबर तक देवशयनी एकादशी के कारण कोई भी शुभ मुहूर्त नहीं।
नवंबर: 25, 30
दिसंबर: 7, 9