चांदी-
ज्योतिष के अनुसार चांदी पर चंद्रमा का आधिपत्य माना गया है। चंद्रमा को मन का कारक माना गया है। जिन लोगों की कुंडली में चंद्रमा की स्थिति प्रतिकूल होती है, उन्हों चांदी का छल्ला या चांदी की बनी कोई चीज धारण करने की सलाह दी जाती है। जिन लोगों का मन विचलित रहता या फिर मानसिक स्थिति सही नहीं रहती है तो उन्हें भी चांदी धारण करनी चाहिए। इसके अलावा जिन लोगों की कुंडली में काल सर्प दोष का प्रभाव हो तो उनके लिए भी शरीर से स्पर्श करता हुए चांदी का कोई आभूषण धारण करना चाहिए। माना जाता है इससे कालसर्प दोष का प्रभाव कम होता है।
सोना
ज्योतिष के अनुसार सोना धातु पर बृहस्पति ग्रह का आधिपत्य माना गया है। जिन लोगों की कुंडली में बृहस्पति ग्रह प्रतिकूल स्थिति में हो उन्हें सोना धारण करना चाहिए। इससे आपके घर में सुख समृद्धि बनी रहती है। माना जाता है कि सोना धारण करने से चेहरे पर चमक आती हैं और शरीर में स्फूर्ति भी बनी रहती है।
तांबा-
तांबे पर मंगल ग्रह का आधिपत्य माना गया है। ज्योतिष के अनुसार यदि मूंगा के बने गणेश जी को तांबे की चेन में डालकर धारण किया जाए तो मंगल ग्रह से जुड़ी परेशानियां दूर होती हैं। इसके साथ ही धन-संपत्ति में भी वृद्धि का रास्ते खुलते हैं और आपको कर्ज व आर्थिक तंगी से छुटकारा मिलता है। इसके अलावा मंगल ग्रह की प्रतिकूल स्थिति के कारण होने वाले रोगों से भी मुक्ति प्राप्त होती है। तांबे के बर्तन में पानी रखकर पीने से पेट संबंधी समस्याओं से राहत मिलती है।
लोहा-
लोहे को शनि की धातु माना गया है। यदि इससे व्यापार में हानि, आर्थिक तंगी और दुर्घटना आदि का भय बना रहता है तो लोहे का छल्ला या अंगूठी धारण करनी चाहिए। किसी कि कुंडली में शनि की स्थिति कमजोर हो तो उसे ज्योतिष की सलाह से लोहे का छल्ला धारण करना चाहिए।