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Vastu Tips: वास्तु नियमों के अनुसार करें रसोई की आंतरिक व्यवस्था,घर में चलकर आएंगी खुशियां

Fri, 29 Apr 2022 06:45 AM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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वास्तुशास्त्र में दिशाओं का महत्व - फोटो : अमर उजाला
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अच्छी सेहत और लम्बी आयु जीने की चाह किसको नहीं होती,परन्तु इसके लिए पौष्टिक भोजन के साथ-साथ जरूरी है कि आपकी रसोई वास्तु सम्मत दिशा में हो।और सिर्फ इतना ही नहीं रसोई घर की सही दिशा के साथ-साथ उसकी आंतरिक व्यवस्था भी वास्तु के नियमों के अनुरूप हो क्योंकि वास्तु शास्त्र का मूल आधार पंचतत्वों(पृथ्वी,जल,आकाश,अग्नि,वायु)का संतुलन है,जो सुखी और समृद्ध जीवन जीने के लिए अति आवश्यक है,इनमें असंतुलन होने से नकारात्मक प्रभाव उत्पन्न होना स्वाभाविक है। वास्तु के इन नियमों का पालन न करने पर व्यक्ति विशेष का स्वास्थ्य ही नहीं,बल्कि उसके आर्थिक और सामाजिक पक्ष पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। 

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  • वास्तु की मानें तो घर में अग्नितत्व की दिशा आग्नेय कोण(दक्षिण-पूर्व) में रसोई का निर्माण होना चाहिए। आग्नेय दिशा,अग्नि के रजस गुण के कारण रसोई लिए उपयुक्त मानी गई है। अगर इस दिशा में इसे बनाना संभव नहीं है,तो उसे केवल उत्तर-पश्चिम भाग में बना लें क्योंकि दक्षिण-पूर्व (आग्नेय)एवं उत्तर-पश्चिम(वायव्य)कोण में रजस ऊर्जा का शत-प्रतिशत प्रभाव रहता है। ये दोनों क्षेत्र खाना पकाने,खाने और वार्तालाप करने जैसी गतिविधियों के लिए उत्तम माने गए हैं। 
  •  रसोई घर में चूल्हा आग्नेय कोण में रखना चाहिए और खाना पकाने वाले का मुख पूर्व दिशा की ओर होना भी आवश्यक है,इससे धन की वृद्धि तथा स्वास्थ्य अच्छा रहता है।
  • पीने योग्य जल का भंडारण व हाथ धोने के लिए नल ईशान कोण में होना चाहिए। रसोई में सिंक यानि कि बर्तन धोने की दिशा के लिए उत्तर-पश्चिम दिशा शुभ मानी गई है।
  •  टोस्टर,गीजर या माइक्रोवेव,ओवन आग्नेय कोण में रखना आपके लिए लाभदायक होगा। मिक्सर,आटा चक्की,जूसर आदि आग्नेय कोण के निकट दक्षिण में रखना शुभ माना गया है। यदि रेफ्रीजिरेटर रसोई में रखना है तो इसे दक्षिण या पश्चिम दिशा की ओर रखें,ईशान या नैऋत्य कोण पर कदापि नहीं रखना चाहिए।
  • मसाले के डिब्बे,बर्तन,चावल,दाल,आटा आदि के डिब्बे दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम में रखना वास्तु सम्मत है। खाली सिलेंडर नैऋत्य कोण में रखें एवं प्रयोग होने वाला सिलेंडर दक्षिण दिशा की ओर रखें।
  • वास्तु के अनुसार रसोई की दीवारों का रंग हल्का नांरगी के साथ क्रीम कलर करवाना शुभता में वृद्धि करेगा।रसोईघर में काले और नीले रंग के प्रयोग से बचना चाहिए। वास्तुशास्त्र मानता है कि काले रंग के प्रयोग से किचन में नकारात्मक ऊर्जा का निवास हो जाता है साथ ही घर में आर्थिक हानि होने की भी संभावना बढ़ जाती है।
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