वास्तु शास्त्र में रसोई घर की दिशा के लिए दक्षिण-पूर्व दिशा (आग्नेय-कोण) को सर्वश्रेष्ठ माना गया है। वहीं वास्तु के नियमानुसार, दक्षिण-पश्चिम दिशा में किचन भूलकर भी नहीं बनवाना चाहिए। इस दिशा में किचन का होना एक भारी वास्तु दोष का संकेत होता है जिसके कारण जातकों को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जिस प्रकार वास्तु के नियमों से किचन की दिशा का विचार किया जाता है उसी प्रकार से किचन में क्या होना चाहिए क्या नहीं, इस बात का भी विचार वास्तु शास्त्र से किया जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार किचन में चार चीजें गलती से भी खत्म नहीं होनी चाहिए। जानते हैं ये चार चीजें कौनसी हैं।