हम सभी हमेशा अच्छे की उम्मीद करते हैं और अपने घरों में शांति, शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना करते हैं। सकारात्मक रहना और प्रार्थना करना एक बात है लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपके जीवन के सभी लक्ष्यों को प्राप्त करने और शांति, सकारात्मकता को आकर्षित करने के लिए और क्या किया जा सकता है? वास्तु इसका उत्तर है।
Vastu Tips For Home: एक नए घर में आपका भावी जीवन कितना खुशहाल होगा, इसका एक बड़ा हिस्सा इस बात पर निर्भर करता है कि आपका घर कितना कुशल बना है। वास्तु नियमों का पालन करने से घर में सुख, समृद्धि और शांति बनी रहती है। इसके लिए घर बनाते समय हमेशा वास्तु नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है। अगर आप भी घर बनवाने जा रहे हैं तो वास्तु से जुड़ी इन बातों का ध्यान अवश्य रखें।
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वास्तु से जुड़े उपाय
घर में प्रवेश हेतु एक द्वार ही रखें। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के मुख्य द्वार पर 3 दरवाजे शुभ नहीं होते हैं। घर में प्रवेश हेतु उत्तर और पूर्व की दिशा बेहतर होती है। दक्षिण की दिशा में भूलकर भी द्वार न दें। इससे घर में नकारात्मक शक्ति का आगमन होता है।
घर की उत्तर-पूर्व दिशा में बृहस्पति देव का वास होता है। इसके लिए इस दिशा में पूजा घर रखें। मंदिर में देवी-देवताओं का मुख पूर्व की दिशा में रखें।
कहते हैं कि मां लक्ष्मी को साफ-सफाई पसंद होती है इसलिए उनकी कृपा पाने के लिए घर के मुख्य दरवाजे को साफ रखें। घर के बाहर गंदगी फैली होने पर नकारात्मकता बढ़ती है।
घर की उत्तर दिशा में मनी प्लांट लगाना लाभदायक होता है। इसके लिए हरे रंग के गमले का प्रयोग करें। अगर आप घर को हरा-भरा बनाना चाहते हैं तो इसी दिशा में कई और पौधे तथा लताएं लगा सकते हैं। इस बात का ध्यान हमेशा रखें कि इसका रंग हरा ही हो।
वास्तु के अनुसार घर का रसोईघर दक्षिण-पश्चिम दिशा में होना चाहिए। किचन की दीवारों पर लाल, नारंगी और गुलाबी रंग करें जबकि ड्राइंग रूम और काम करने का स्थान उत्तर दिशा में होना चाहिए।
उत्तर दिशा में डस्टबिन, वॉशिंग मशीन, झाड़ू और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को भूलकर भी इस दिशा में न रखें। ऐसा करने से धन की हानि होती है।
घर के बाहर उत्तर दिशा में गूलर, पाकड़ आदि वृक्ष न लगाएं। इससे नेत्र संबंधी बीमारियां उत्पन्न होती हैं। साथ ही घर में बेर, केला, पीपल और अनार के पेड़ भी न लगाएं। इससे घर की बरकत चली जाती है।