Vastu Tips For Aagney Kon: सनातन धर्म में वास्तु शास्त्र को बहुत महत्व दिया गया है। घर बनने से लेकर उसमें रखी जाने वाली सभी वस्तुओं को लेकर वास्तु शास्त्र में कई नियम बताए गए हैं। हर आमतौर पर अपने घर में जिस दिशा में कोई भी वस्तु रखते हैं, उस दिशा सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा संचार होता है, इसलिए घर में रखी हर वस्तु का सही दिशा और स्थान पर रखा होना जरूरी होता है। घर के हर कोने में रखा सामान घर के वातावरण को प्रभावित करता है। आमतौर पर लोग पूर्व, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण दिशा के बारे में ही जानते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र में इसके अलावा चार दिशाएं ईशान कोण, नैऋत्य कोण, वायव्य कोण और आग्नेय कोण के बारे में भी बताया गया है। आज हम आग्नेय कोण के बारे में जानेंगे कि इस दिशा में कौन सी वस्तुएं भूलकर भी नहीं रखनी चाहिए।
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आग्नेय कोण क्या है?
वास्तु शास्त्र के अनुसार पूर्व-दक्षिण के मध्य को आग्नेय कोण का नाम दिया गया है। इस दिशा में सूर्य की किरणों का वर्चस्व सबसे अधिक होता है, इसलिए यह दिशा अग्नि तत्व से संबंधित होती है। इस दिशा में किसी भी वस्तु को सोच विचार कर ही रखना चाहिए। इस दिशा में खासतौर पर इलेक्ट्रिक और ज्वलनशील चीजें नहीं रखने की सलाह दी जाती है। इससे वास्तु दोष उत्पन्न हो सकता है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार आग्नेय कोण में कभी भी बेडरूम नहीं बनवाना चाहिए। दरअसल यह दिशा अग्नि तत्व का प्रतिनिधित्व करती है, इसलिए इस दिशा में बेडरूम होने से आपको बेचैनी, अनिद्रा या तनाव जैसी समस्याएं आ सकती है। इसके अलावा स्वास्थ्य संबंधी समस्याऔं और धन हानि का सामना भी करना पड़ सकता है।
आग्नेय कोण में कभी पानी से संबंधित चीजें भी नहीं रखनी चाहिए। जल और अग्नि दोनों ही एक-दूसरे के विरोधी तत्व होते हैं, इसलिए भूलकर भी यहां बोरिंग, हैंडपंप, पानी की टंकी या नल नहीं लगाना चाहिए। ऐसा करने से आपको इसके नकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।