वास्तु शास्त्र एक ऐसा शास्त्र है जिसमें हर चीज के निर्माण और रख रखाव के बारें में सही दिशा और नियम बताए गए हैं। यदि वास्तु की बातों को ध्यान में रखकर कार्य किए जाएं तो किसी भी स्थान की नकारात्मक ऊर्जा को सकारात्मक ऊर्जा में परिवर्तित किया जा सकता है। कभी-कभी हम जानकारी के अभाव में इन बातों को पर ध्यान नहीं देते हैं या कार्य की व्यस्तता के चलते अनदेखा कर देते हैं। यदि वास्तु के नियमों को ध्यान में न रखा जाए तो वास्तु दोष उत्पन्न होता है जिससे आपके घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होने लगता है। जिससे आपके जीवन में समस्याएं आने लगती हैं जिससे आपकी तरक्की में बाधा उत्पन्न होती है। वास्तु में कुछ ऐसी बातें बातई गई हैं जिनको ध्यान में रखकर आप नकारात्मकता को दूर करके तरक्की पा सकते हैं। तो चलिए जानते हैं वास्तु की उपयोगी बातें....
- पानी में नमक डालकर घर में पोंछा लगाएं। इससे आपके घर की नकारात्मक ऊर्जा बाहर निकल जाती है।
- पोंछा लगाने के बाद पानी को घर के बाहर जाकर उड़ेलें।
- घर में टूटी चीजें खासकर टूटा हुआं कांच बिल्कुल भी न रखें।
- यदि आपके घर में डायनिंग टेबल है तो कोशिश करें कि वह गोल नहीं होनी चाहिए।
- प्रवेश द्वार के पर जो पर्दा लगा है उसमें घुंघरू बांधे, यह बहुत शुभ रहता है।
- घर की उत्तर दिशा में आशीर्वाद मुद्रा में हनुमान जी का चित्र लगाएं।
- प्रतिदिन मस्तक पर कुमकुम या चंदन का तिलक धारण करें।
- हो सके तो बैठते समय ध्यान रखें कि आपका मुख उत्तर या पूर्व दिशा में रहे।
- घर के मुख्य द्वार पर गणेश जी की दो प्रतिमाएं लगाएं। एक प्रतिमा का मुख अंदर की ओर और
- दूसरी प्रतिमा का मुख बाहर की ओर होना चाहिए। ताकि गणेश जी की पीठ के दर्शन न हो।
- अपने घर के ड्राइंग रूम में किसी पात्र में आधा किलों फिटकरी करके रखें। इससे नकारात्मकता तो दूर होती ही है साथ ही फिटकरी में वातावरण के सूक्ष्म जीवाणु भी खत्म करने की क्षमता होती है।
- एक पात्र में पानी लेकर उसमें बहुत थोड़ी सी हल्दी मिलाएं उसके बाद पान या फिर आम के पत्ते से प्रवेश द्वार और पूरे घर में छिड़काव करें।