अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इराक में आईएसआईएस के खिलाफ लक्षित हवाई हमलों की इजाजत दे दी। यदि हम अमेरिका के इतिहास पर नजर डालें तो पता चलता है कि, अमेरिका जितने युद्ध शायद ही किसी देश ने अब तक किए होगें।
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आपके मन में भी यह सवाल उठता होगा कि अपने से हजारों किलोमीटर दूर जाकर भी अमेरिका युद्घ के लिए क्यों हमेशा तैयार रहता है। इसका उत्तर ऐसा है जिस पर शायद ही कभी सोचा गया होगा।
इसलिए अमेरिका बार-बार युद्घ में शामिल होता है
यदि हम वास्तु की दृष्टि से देखें तो अमेरिका की वास्तु स्थितियां कुछ इस प्रकार है कि, वह हर समय किसी ना किसी देश से युद्ध में व्यस्त रहता है और इन्हीं वास्तु स्थितियों के कारण ही उसे युद्ध में हमेशा सफलता भी मिलती रही है और आगे भी मिलती रहेगी। वास्तु सिद्धांत के अनुसार पूर्व आग्नेय के दोष मकान में हो तो परिवार में विवाद पैदा करते है और यदि किसी देश में हो तो युद्ध का कारण बनते है।
आग्नेय कोण के दोष जैसे पूर्व आग्नेय कोण का बढ़ना, आग्नेय कोण का नीचा होना या किसी भी प्रकार पानी का जमा होना इत्यादि। यही दोष अमेरिका में है और अमेरिका के साथ युद्ध करने वाले प्रत्येक देश के आग्नेय कोण में यह दोष है, जो कि इस प्रकार है -
इसलिए अमेरिका युद्घ में विजयी होता है
अमेरिका की मुख्य भूमि की उत्तर दिशा की ओर कनाडा और दक्षिण एवं नैऋत्य कोण में मैक्सिको है। इसकी पूर्व एवं पश्चिम दिशा पानी से घिरी है। एक ओर जहां उत्तर ईशान कटा हुआ है वहीं दूसरी ओर पूर्व ईशान बढ़ा हुआ है। किंतु कटे हुए उत्तर ईशान में झील के रूप में पानी का बड़ा जमाव है।
जहां पर विश्व प्रसिद्ध नियाग्रा फॉल है। यहां भूमि का ढलान भी उत्तर, पूर्व दिशा तथा ईशान कोण की तरफ ही है। उत्तर, पूर्व दिशा एवं ईशान कोण की इन्हीं वास्तुनुकुलताओं के कारण अमेरिका को यश मिलता है और समृद्धि मिली है। देश की आर्थिक स्थिति सुदृढ होने के कारण देश पूर्णतः विकसित है।
अमेरिका का पूर्व आग्नेय कोण बढ़ा हुआ है जहां फ्लोरिडा है। पूर्व आग्नेय के इसी बढ़ाव के कारण दूसरे देशों से युद्ध करने पड़े, आज भी कई देशों में लड़ाई लड़नी पड़ रही है और आगे भी यही स्थिति बनती रहेगी। अमेरिका के पश्चिम दिशा में रॉकी माऊंटेन, कोलोराडो प्लेटियो है। पश्चिम दिशा की इस ऊंचाई वाली भौगोलिक स्थिति के कारण ही अमेरिका को हमेशा युद्ध में सफलता मिलती है और यश मिलता है।
ईराक में होने वाले गृहयुद्घ का कारण
ईराक का बसरा स्थित पूर्व आग्नेय वाला भाग बढ़ा हुआ है इसी भाग में परशीयन गल्फ है जो कि युद्ध, उग्रवाद का कारण बना हुआ है। इसी पूर्व आग्नेय के बढ़ाव के कारण इसने कुवैत पर आक्रमण किया और बाद में अमेरिका ने इसके ऊपर आक्रमण किया।
वास्तुशास्त्र के अनुसार देश के पूर्व आग्नेय का बढ़ाव युद्ध कराता है। ईराक के उत्तर दिशा ईशान कोण और पूर्व दिशा में ऊँचाई है इसके विपरित पश्चिम दिशा, नैऋत्य कोण और दक्षिण दिशा में नीचाई है। इसी कारण गृह युद्ध की स्थिति है।
इसलिए सद्दाम हुसैन को मृत्युदंड मिला
देश की भौगोलिक स्थिति के कारण ही देश के मुखिया सद्दाम को मृत्युदंड दिया गया। अफगानिस्तान का भू-भाग इस प्रकार है कि उसके पूर्व आग्नेय का भाग एक ओर काबूल और दूसरी ओर पाकिस्तान स्थित इस्लामाबाद के मध्य में पड़ता है और अफगानिस्तान का यह भाग नीचाई लिए हुए है।
जो कि विवाद का कारण बनता है। इन्हीं वास्तु स्थितियों के कारण अफगानिस्तान सदियों से कभी तरक्की नहीं कर सका, हमेशा युद्ध, मारकाट, आपसी लड़ाईयों में लगा हुआ है और हमेशा लगा ही रहेगा।
ईशान कोण और पूर्व दिशा के दोषों के कारण हमेशा शिक्षा की कमी रहेगी। आग्नेय कोण के दोषों के कारण विवाद रहेगें। शत्रुता रहेगी, यहां के लोगों की बुद्धि कुंठित रहेगी। नैऋत्य कोण के दोषों के कारण गरीबी रहेगी एवं दक्षिण दिशा के दोषों के कारण स्त्रियों के साथ हमेशा जुल्म और अत्याचार होते रहेगें। देश की आर्थिक स्थिति कभी-भी अच्छी नहीं हो पाएगी। विदेशियों के साथ-साथ हमेशा आपसी विवाद बने रहे है और बने रहेगें, केवल गरीबी ही रहेगी।
अमेरिका का वियतनाम और कोरिया के साथ भी युद्ध हुआ। इन दोनों देशों के भू-भाग की बनावट को देखने से स्पष्ट होता है कि, दोनों देशों का भू-भाग लगभग एक जैसे आकार का है। इनके पूर्व ईशान कोण दबे हुए और पूर्व आग्नेय में बहुत अधिक बढ़ाव है। आग्नेय कोण के इसी बढ़ाव के वास्तुदोष के कारण इन देशों को भी युद्ध करना पड़ा।