जब हम घर बनवाते हैं तो बड़ी
उम्मीद और सपने संजोते हैं। परिवार की उन्नति और समृद्धि की कामना मन में रहती है।
लेकिन कुछ घर ऐसे होते हैं जिसमें रहते हुए काफी मेहनत करने के बाद भी उन्नति नहीं
होती। लोग बीमार रहते हैं, तनाव और चिंता बनी रहती है। इसकी वजह जमीन में मौजूद दोष
हो सकता है।
इस तरह की परेशानियों से बचने के लिए वास्तु विज्ञान में कहा
जाता है कि अगर आप जमीन खरीदने की सोच रहे हैं या किसी जमीन पर घर या फैक्ट्री
बनवाने का विचार कर रहे हैं तो सबसे पहले जमीन की जांच करलें। वास्तु विज्ञान के
अनुसार अगर जमीन अच्छी नहीं हो तो घर भले ही आप अच्छा बना लें लेकिन घर सुखदायक और
उन्नति प्रदान करने वाला नहीं होता है।
भूमि की परीक्षा करने के लिए
वास्तुशास्त्र में कई आसान उपाय बताए गये हैं। शाम के समय भूमि की पूजा करके एक हाथ
लंबा और एक हाथ चौड़ा डेढ़ हाथ गड्ढा जमीन खोदें। गड्ढ़े में पानी भर दें। वास्तु
के अनुसार सुबह अगर गड्ढ़े में पानी बचा हुआ दिखाता है तो भूमि उत्तम है। पानी नहीं
होने पर जमीन मध्यम स्तर का और गड्ढ़े में पानी नहीं हो और आस-पास की जमीन फटी हुई
हो तो जमीन को निम्न स्तर का मानना चाहिए।
भूमि की जांच करने का एक आसान
उपाय और भी है। जमीन की उत्तर दिशा में एक हाथ लंबा और एक हाथ चौड़ा डेढ़ हाथ गड्ढा
जमीन खोदें। गड्ढे से निकली मिट्टी को वापस गड्ढ़े में डालें। अगर मिट्टी बच जाती
है तो जमीन उत्तम है। गड्ढ़ा भरने के बाद मिट्टी नहीं बचने पर जमीन को मध्यम स्तर
का समझना चाहिए और पूरा मिट्टी डालने के बाद भी गड्ढ़ा रह जाए तो जमीन वास्तु की
दृष्टि से अच्छा नहीं है। ऐसी जमीन में बरकत नहीं होती है।