आपने महसूस भी किया होगा कि जब आप किसी मित्र या रिश्तेदार के घर गये होंगे और रात में ठहरने का मौका लगा होगा। आपके लिए अच्छी व्यवस्था होने के बाद भी आपको उतना आराम नहीं मिला होगा जितना आप अपने बिछावन पर करते हैं। इसके विपरीत किसी के घर में आपको अपने घर से भी ज्यादा आराम मिला होगा।
यह सब वास्तु का प्रभाव होता है। वास्तु विज्ञान के अनुसार सोने के तरीके और बिस्तर का प्रभाव भी हमारे ऊपर होता है। आपका बिछावन और सोने का अंदाज सही नहीं है तो कैरियर और धन संबंधी समस्याओं को लेकर भी परेशानी बनी रहती है। बिस्तर का प्रभाव दांपत्य जीवन और विवाह पर भी होता है। इससे विवाह में बाधा भी आती है। इस तरह की समस्याओं से बचने के लिए वास्तु विज्ञान में कुछ उपाय बताए गये हैं।
ऐसे लगाएं बेड
वास्तु विज्ञान के अनुसार लड़के और लड़कियों के लिए बेड लगाने की दिशा अलग अलग है। लड़कियों के लिए वायव्य कोण यानी उत्तर पश्चिम दिशा शुभ होती है जबकि लड़कों के लिए पूर्व और पूर्वोत्तर दिशा शुभ रहती है। बेड लगाते समय यह भी ध्यान रखें कि बेड किसी भी दीवार से सटा हुआ नहीं हो।
बेड के नीचे कुछ न रखें
बेड की साफ सफाई जितनी जरूरी है उतनी ही जरूरी है बेड के नीचे की सफाई। इसलिए अगर बेड के नीचे सामान रखने की आदत है तो इसे बदल दीजिए। बेड के नीचे रखे हुए सामनों से नकारात्मक उर्जा का संचार होता है जो विवाह में बाधक होता है। अगर बॉक्स वाले पलंग पर सोते हैं तो निश्चित ही बॉक्स में काफी सामान रखते होंगे।
इससे भी नकारात्मक उर्जा का संचार होता है। इस नकरात्मक उर्जा को दूर करने के लिए पलंग के चारों पायों के नीचे तांबे का एक स्प्रिंग अथवा एक बाउल में नमक भर कर रखें।
बेड के बाईं ओर सोएं
बेड पर हमेशा बायीं ओर सोएं। यह सिर्फ वास्तुशास्त्र ही नहीं बल्कि लंदन के एक होटल प्रीमियर इन द्वारा किये गये एक सर्वे रिपोर्ट में भी कहा गया है कि बांयी ओर सोने वाले व्यक्ति का मूड अधिक अच्छा रहता है। उनके अंदर सकारात्मक सोच रहती है और वह अधिक एक्टिव रहते हैं।