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वास्तु अनुसार घर में करें ये कुछ खास बदलाव, रहेंगे पूरे साल खुशहाल

Sun, 24 Dec 2017 08:32 AM IST
पूनम वेदी, ज्योतिषाचार्य
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साफ-सुथरा, सजा-संवरा घर, जहां खुशियां  बसती हों, सदस्यों के बीच तालमेल हो, भविष्य की सकारात्मक योजनाएं हों, उत्साह हो, जीवन हो... ऐसे घर की कल्पना हम सभी करते हैं। लेकिन घर को घर बनाने का प्रयास कुछ लोग ही करते हैं। नया साल आते ही खुद के लिए संकल्प लेते हैं, तो फिर घर के लिए क्यों नहीं लेते कोई संकल्प? घर हमारे लिए सिर्फ ईंट-पत्थरों से बना एक ढांचा नहीं होना चाहिए, बल्कि इसके साथ हमारे आत्मीय संबंध भी होने चाहिए। 
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चाणक्य ने अपने नीतिशास्त्र में कहा है- ‘जहां मूर्खों की प्रशंसा नहीं होती, अनाज को उचित ढंग से संरक्षित किया जाता है, पति-पत्नी में झगड़े नहीं होते, वहीं पर भाग्य की देवी ‘श्री‘ वास करती हैं।’ साल 2018 का आरंभ होने जा रहा है, तो क्यों न हम घर को मजबूत, साफ और सुंदर बनाने के साथ, पारिवारिक सदस्यों के लिए भी कुछ करें। हमारे प्रिय जो हमसे बहुत दूर चले गए हैं, जो हमारे साथ हैं, सभी के जीवन के लिए सकारात्मक संकल्प लें। घर व उसके सदस्यों के मध्य अपनापन का भाव विकसित करें। 

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ध्यान दें, दीवारों पर पड़ी दरारें, धब्बे, जाले, टूटी खिड़कियां आपके मन को प्रतिबिबिंत करती हैं। इसलिए सबसे पहले दरारों को भरवाएं। टूट-फूट ठीक कराएं। सामर्थ्य के अनुसार, घर में रंग-रोगन कराएं।यदि बच्चों की शिक्षा, बुद्धिमानी, युवावस्था के विकास को अच्छा रखना है, तो पूर्व दिशा को ठीक रखने का संकल्प लें। यहां पर देवराज इंद्र का प्रभाव रहता है। इस दिशा में मेष और वृष राशि तथा शुक्र का प्रभाव होता है। बच्चों के शयनकक्ष तथा कमरे को बल देना है, तो इंद्र से जुड़ी चीजें जैसे हाथी, डायमंड, क्रिस्टल या सफेद रंग का घोड़ा लगाएं। यहां सफेद या हरे रंग का प्रयोग करें।
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रसोई में खर्चा ज्यादा हो रहा हो या बिजली की चीजें जल्दी खराब हो रही हों, तो आग्नेय दिशा (पूर्व-दक्षिण का कोना) को सुधारें। इस दिशा में प्रज्‍ज्वलित अग्नि की तस्वीर, मंगल चिन्ह, मोमबत्ती या फिर अग्नि तत्व का प्रतीक त्रिकोण आकृति लगाएं। इस दिशा में लाल, पीला व नारंगी रंग का प्रयोग करें। रात को नींद न आए, बेचैनी रहे, बीमारी से परेशान हैं, तो दक्षिण की दिशा को ठीक करें। यहां मुख्य दरवाजा, स्टडी रूम, लिविंग रूम या डायनिंग रूम न बनावाएं। दिशा में सुधार लाने के लिए यहां गाय या बैल का चित्र लगाएं। अपने स्वर्गवासी पूर्वजों का चित्र लगाएं। 

नींद की परेशानी, भूत-प्रेत का डर अथवा बुरे सपने आए, तो नैऋत्य दिशा (दक्षिण-पश्चिम का कोना) ठीक करें। यह शनि ग्रह तथा भूमि तत्व से जुड़ा स्थान है। इस स्थान पर भारी चीजें रखें। वॉर्डरोब, भारी अलमारी रखें। रसोई या मुख्य दरवाजा यहां न बनाएं। इस स्थान को शुभ बनाने के लिए शेर पर सवार देवी, बड़ी बिल्ली या शेर की तस्वीर लगाएं। बैंगनी रंग का प्रयोग करें। शुक्र शयनकक्ष से जुड़ा ग्रह है, अतः यहां गुलाबी और हल्के हरे रंग का प्रयोग करें।

बेचैनी और दूरस्थ कम्यूनिकेशन में सुधार के लिए वायव्य कोण (उत्तर-पश्चिम) को ठीक रखें। चंद्रमा इस स्थान का कारक है। यहां पर कोई चीज स्थिर नहीं रहती। अतः बाथरूम या गेस्ट रूम बनाएं। यहां पर अर्धचन्द्राकार चंद्र की फोटो लगाएं। लाभदायी वार्तालाप के लिए इस दिशा में टेलीफोन/मोबाइल रखें। हल्के, सिल्वरी टोन वाले रंग यहां पर बढ़िया रहते हैं। 

सेहत ठीक न रहे। धन की समस्या हो, तो उत्तर दिशा पर ध्यान दें। इस स्थान पर कुबेर तथा बृहस्पति का प्रभाव रहता है। यह स्टोर, लाइब्रेरी, ऑफिस और कीमती सामान रखने का उत्तम स्थान है। यहां पूर्वजों की तस्वीर बिल्कुल न लगाएं। रसोई, बाथरूम न बनाएं। इस स्थान को शुभ रखने के लिए सोने-चांदी के रंग की तस्वीरें, अंबर की बनी चीजें रखें। बृहस्पति को खुश रखने के लिए पीले रंग का प्रयोग करें।
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घर में शांति और सुखद वातावरण बनाने के लिए ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) पर ध्यान दें। यह प्राण वायु का जनक है। इस पर सोम का प्रभाव है। यह घर में स्थिरता लाता है। मन को आराम देने वाला स्थान है। यहां पर भारी वस्तुएं न रखें। मुख्यद्वार होना, भाग्यशाली रहेगा। इस स्थान पर सूर्य-चंद्र की आकृति तथा सोने-चांदी के रंग वाली आकृति लगानी चाहिए। म्यूजिकल चीजें/विंडचाइम्स भी बढ़िया हैं।

घर के सदस्यों को प्रेरणा देने या रचनात्मक ताकत देने के लिए घर के केंद्र स्थान पर ध्यान दें। इस स्थान को हल्का रखें तथा केंद्र में ब्रह्म की तस्वीर या कमल की तस्वीर, मोती की लड़ी भी लगाई जा सकती है। nकलह या झगड़ों से घर की आत्मा भी कष्ट पाती हैं, इसलिए झगड़ों का कारण समझें। क्या वह राशि से जुड़ा कारण है। वास्तु, व्यवहार अथवा आर्थिक कारण है। कारण को समझकर समस्या समाधान का संकल्प लें। अपने बुजुर्गों और बच्चों को उचित स्पेस दें। बच्चों को घर में स्वतंत्रता दें, दबाव न बनाएं। स्वतंत्रता से घर के प्रति अपनापन बढ़ेगा, जबकि दबाव बनाने से आपको घुटन महसूस होगी।

बेडरूम को युद्ध स्थल न बनाएं। इससे घर की शांति भंग होती है। घर के सभी सदस्यों की संयुक्त फोटोग्राफ पूर्व/उत्तर दिशा में लगाएं। यह वैमनस्य दूर करेगी तथा सबको करीब लाएगी।
साल में एक बार घर के सारे सदस्य एक ही स्थान पर एकत्रित हों तथा सुखद माहौल में अपना समय व्यतीत करें। अतीत की सुखद यादों में जिएं।

अक्सर पैतृक संपत्ति दूरिया लाती हैं। इसे झगड़े का कारण न बनाएं, बल्कि पूर्वजों का आशीर्वाद प्रसाद समझें। आपसी समझ से सही रास्ता तलाशें। पूर्वजों के निर्णय का सम्मान करना सीखें। 
अपने अधीनस्थ काम करने वालों को साल में एक बार उपहारादि देने का संकल्प लें। प्रतिभाशाली गरीब बच्चे की फीस, किताबों के खर्च का संकल्प लें।
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