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पूजा घर में कौन-कौन सी गलतियां करने से अधूरी रह जाती है पूजा जानिए 6 कारण

Sun, 11 Jan 2026 01:22 PM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

हिंदू धर्म में पूजा घर का विशेष महत्व होता हैं क्योंकि इस स्थान से सबसे ज्यादा सकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करती है। लेकिन पूजा घर में भगवान की मूर्तियों को रखने के संबंध में कुछ नियम होते हैं। आइए जानते हैं इसके बार में...
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घर के मंदिर से जुड़े वास्तु नियम - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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भारतीय सनातन परंपरा में पूजा घर को घर का सबसे पवित्र और सकारात्मक स्थान माना गया है। यहीं से पूरे घर में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है। शास्त्रों के अनुसार पूजा घर में स्थापित देवी-देवताओं की मूर्तियां न केवल श्रद्धा का विषय होती हैं, बल्कि वे घर के वातावरण, मानसिक शांति और भाग्य पर भी प्रभाव डालती हैं। ऐसे में यह जानना अत्यंत आवश्यक है कि किन मूर्तियों को पूजा घर में नहीं रखना चाहिए, क्योंकि गलत मूर्ति या अनुचित स्वरूप नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ा सकता है।
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1. खंडित या टूटी हुई मूर्तियां
  • खंडित देवी-देवताओं की मूर्तियों की पूजा नहीं करनी चाहिए।
  • टूटी मूर्ति में देवी-देवताओं की ऊर्जा पूरी तरह से स्थापित नहीं हो पाती।
  • पूजा घर में खंडित मूर्तियों को रखने से घर में तनाव, बाधा और अशांति का कारण बन सकती हैं।
  • खंडित मूर्ति को सम्मान के साथ बहते जल में विसर्जित कर देना चाहिए।

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2. देव-देवताओं की उग्र स्वरूप वाली मूर्तियों से बचें
  • पूजा घर में कभी भी काली माता, तांडव मुद्रा में शिव, अत्यंत उग्र रूप वाले भैरव या चामुंडा जैसे स्वरूप की मूर्ति न रखें।
  • देवी-देवताओं के ये स्वरूप तपस्या और साधना के लिए होते हैं, न कि गृहस्थ जीवन के लिए।
  • इससे घर में मानसिक असंतुलन और कलह को बढ़ा सकते हैं।
3. युद्ध या हिंसा दर्शाने वाली मूर्तियां
  • देवी-देवताओं द्वारा दैत्यों के वध की मूर्तियां पूजा घर में नहीं रखना चाहिए।
  • वास्तु मान्यता के अनुसार ऐसी मूर्तियां घर में आक्रामक ऊर्जा को सक्रिय कर सकती हैं, जिससे पारिवारिक संबंधों में तनाव बढ़ता है।
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4. एक ही देवता की कई मूर्तियां
  • पूजा घर में एक ही देवी या देवता की कई मूर्तियां रखना भी उचित नहीं माना जाता।
  • इससे पूजा में एकाग्रता भंग होती है और वास्तु के अनुसार यह ऊर्जा असंतुलन पैदा करता है। 

5. पूजा घर शयन मुद्रा या लेटी हुई मूर्तियां रखना वर्जित
  • पूजा घर में भगवान की शयन मुद्रा वाली मूर्तियां नहीं रखना चाहिए।
  • जैसे शेषनाग पर लेटे विष्णु, घर के मंदिर में नहीं रखनी चाहिए।
  •  इससे घर में आलस्य, निष्क्रियता और कार्यों में विलंब बढ़ता है।
6. मृत आत्माओं या स्मृति चिन्ह
  • कई लोग पूर्वजों की तस्वीरें या समाधि से जुड़ी मूर्तियां पूजा घर में रख देते हैं, जबकि धार्मिक और वास्तु दोनों ही दृष्टि से यह उचित नहीं है। पूजा घर केवल देवी-देवताओं की आराधना के लिए होता है।


डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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