वैदिक ज्योतिष के अनुसार ग्रह, नक्षत्र और उनकी गति हमारे निर्णयों, स्वास्थ्य और जीवन में आने वाली महत्वपूर्ण घटनाओं को प्रभावित करती हैं। इनसे भविष्य में होने वाली घटनाओं का, व्यक्तिगत जीवन के अतिरिक्त देश, दुनिया, मौसम, राजनीतिक और अन्य प्राकृतिक प्रकोपों के ज्ञान का संकेत मिलता है। इसी ग्रह योगों और गति के आधार पर 2 नवंबर 2016 को ज्योतिषाचार्य राजीव नारायण शर्मा ने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव की एक सफल भविष्यवाणी सोशल मीडिया (फेसबुक) पर की थी, कि "हिलेरी क्लिंटन को वोट तो अच्छे मिलेंगे, परन्तु सिंहासन नहीं मिलेगा और डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति बनेंगे।"
इस बार तीन नवंबर 2020 के अमेरिकन राष्ट्रपति चुनाव में आचार्य राजीव काल गणना(ग्रहचाल) के आधार पर बताते हैं, कि डोनाल्ड ट्रंप इस बार असफल होंगे और डेमोक्रेट उम्मीदवार जो बिडेन राष्ट्रपति के रूप में विजयी होंगे। आचार्य ये भविष्यवाणी 27 सितंबर 2019 को फेसबुक पर और 8 जून 2020 को ट्विटर पर पहले ही कर चुके हैं और इसका विस्तृत ज्योतिषीय विश्लेषण इन्हीं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 3.10.2020 को भी किया जा चुका है।
ज्योतिषाचार्य राजीव नारायण शर्मा की अमेरिका के दोनों प्रमुख प्रत्याशियों की जन्म कुंडलियों के अध्ययन के आधार पर विस्तृत ज्योतिषीय विश्लेषण इस प्रकार है-
अमेरिका की कुंडली और ज्योतिषीय विश्लेषण
1. अमेरिका(4.7.1776), देश की संवैधानिक स्थापना सिंह लग्न और धनिष्ठा नक्षत्र में हुई चन्द्र राशि कुंभ है। लग्नेश सूर्य 11वें भाव(तरक्की, उपलब्धियां, लाभ) में तृतीयेश, दशमेश शुक्र, चतुर्थेश, नवमेश(भाग्येश) मंगल और पंचमेश, अष्टमेश वृहस्पति के साथ हैं। इन ग्रहों के योग के कारण ही, अमेरिका विश्व का सबसे शक्तिशाली, प्रभावशाली देश बना है।
वर्तमान में अमेरिका की महादशा राहु की चल रही है, जो कुंडली में 12वें भाव(व्यय, हानि, परिवर्तन) में द्वितीयेश, लाभेश वक्री बुध के साथ है, प्रत्यंतर दशा शुक्र की है। चुनाव के दिन(3.11.2020) राहु वृषभ राशि में 10वें भाव में 12वें भाव के स्वामी चंद्र के साथ होगा। दशमेश शुक्र नीच राशि कन्या में, 8 वें (परिवर्तन) भाव में स्थित मंगल से पीड़ित होंगे। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, चंद्रमा मन, मनोदशा, मनोविज्ञान, दृष्टिकोण, सोच, जनता की राय का कारक माना गया है। पाप ग्रहों से पीड़ित चन्द्र का संकेत है, अमेरिकन जनता वर्तमान राष्ट्रपति की कार्यशैली, नीतियों और अन्य निर्णयों से निराश, असंतुष्ट होकर उनके विरुद्ध वोट करेगी और नए प्रत्याशी का चुनाव करेगी।
डोनाल्ड ट्रंप की कुंडली और ज्योतिषीय विश्लेषण
2. डोनाल्ड ट्रंप(14.6.1946), इनका जन्म सिंह लग्न, ज्येष्ठा नक्षत्र में हुआ है। लग्नेश सूर्य 10वें भाव में राहु के साथ एक उच्च और राजनीतिक जीवन का योग बना रहे हैं। चंद्रमा चतुर्थ भाव में अपनी नीच राशि में केतु और मंगल से पीड़ित है, जिसके कारण इनके निर्णय लेने की क्षमता हमेशा विवादास्पद रही है।
वर्तमान में इनकी महादशा वक्री वृहस्पति की है जो कुंडली में द्वितीय भाव में और शनि से पीड़ित है। अंतर दशा शनि की है, जो 12वें भाव में तृतीयेश, दशमेश शुक्र के साथ है। प्रत्यंतर दशा 10वें भाव के राहु की है, जो गोचर के राहु से प्रभावित हो रहा है। चुनाव के दिन शनि 6वें भाव में स्वराशि में होगा और जन्म के शनि, दशमेश शुक्र को प्रभावित कर रहा है। 12वें भाव का स्वामी चंद्र दशम भाव में स्थित होगा, लग्न का स्वामी सूर्य, और दशमेश शुक्र अपनी अपनी नीच राशि में क्रमशः शनि, मंगल से पीड़ित होंगे। गोचर में महादशा, अंतर्दशा स्वामी गुरु, शनि 2/12 की अवस्था में होंगे। अतः ग्रहचाल के कारण जबर्दस्त चुनावी लड़ाई के बाद भी हार निश्चित है, निराशा ही हाथ लगेगी।
जो बिडेन की कुंडली और ज्योतिषीय विश्लेषण
3. जो बिडेन (20.11.1942), इनका जन्म वृश्चिक लग्न और आश्विन नक्षत्र में हुआ है, चन्द्र राशि मेष है। लग्न का स्वामी मंगल 12वें भाव में अष्टमेश, और लाभेश बुध के साथ है। दशमेश सूर्य लग्न में 12वें, 7वें भाव के स्वामी शुक्र के साथ हैं, तृतीयेश, चतुर्थेश शनि इन्हें 7वें भाव से देख रहा है। द्वितीयेश, पंचमेश वृहस्पति अपनी उच्च राशि में भाग्य स्थान में स्थित होकर लग्न को दृष्टि दे रहे हैं।
वर्तमान में, इनकी महादशा उच्च के गुरु, और अंतर दशा 10वें भाव में स्थित राहु की है। दशाओं का संबंध उच्चतम केंद्र, त्रिकोण से हो रहा है, जो राजयोग का संकेत देता है। चुनाव के दिन (3.11.20) गोचर के गुरु जन्म के राहु, चन्द्र और दशम भाव को प्रभावित करेंगे। गोचर का राहु जन्म के राहु से 10वें भाव यानि प्रतिष्ठा के सप्तम भाव में होगा, शनि भी जन्म की स्थिति से 10वें भाव यानि सिंहासन के भाव(चतुर्थ) में होगा, नवंबर के दूसरे सप्ताह के बाद महादशा के स्वामी गुरु भी चतुर्थ भाव में होंगे, जो सत्ता की पुष्टि करते हैं। लग्न पर भाग्य स्थान से उच्च के गुरु की दृष्टि, इनके अच्छे व्यक्तित्व का संकेत देती है, और निश्चित करती है, कि जॉय बिडेन अमेरिकन जनता का न्यायपूर्वक, सकारात्मक नीतियों के द्वारा बिना भेदभाव के कल्याण करेंगे। विश्व में अमेरिका की इसी सकारात्मक सोच और राजनीति के साथ छवि सुधारने का भी कार्य करेंगे।