फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shani Transit 2022: इस दिन शनिदेव करेंगे राशि परिवर्तन, इन राशि वालों को मिलेगी साढ़ेसाती और ढैय्या से मुक्ति

Mon, 14 Feb 2022 02:42 PM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

शनिदेव 29 अप्रैल 2022 को मकर राशि की अपनी यात्रा को छोड़कर कुंभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे। शनि के राशि परिवर्तन करते ही धनु राशि वालों पर चल रही साढ़ेसाती का प्रभाव खत्म हो जाएगा।
विज्ञापन
shani dev: शनिदेव सभी ग्रहों में सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह है। शनिदेव को एक राशि से दूसरी राशि में जाने के लिए करीब ढाई वर्षों का समय लगता है।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Shani Transit 2022:  ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव को न्यायप्रिय, कर्मफलदाता और सभी ग्रहों में सबसे मंद गति से चलने वाला ग्रह माना गया है। कुंडली में अगर शनिदेव शुभ स्थान पर विराजमान हैं तो यह जातक को सभी तरह के सुख-सुविधा और ऐशोआराम से जीवन जीने का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। वहीं अगर किसी जातक के जीवन में शनिदेव का अशुभ प्रभाव है व्यक्ति के जीवन में कई तरह की परेशानियां पीछा करती हैं। शनि सबसे मंद गति से चलने के कारण करीब ढाई वर्षों में एक राशि से दूसरी राशि में गोचर करते हैं। ऐसे में जब भी शनि देव अपनी राशि परिवर्तन करते हैं किसी राशि के ऊपर साढ़ेसाती और ढैय्या आरंभ हो जाती है तो किसी को शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से मुक्ति मिल जाती है। शनि इस वर्ष राशि बदलने वाले हैं ऐसे में आइए जानते हैं शनि का प्रभाव किन राशियों के ऊपर रहेगा।

विज्ञापन


इस 5 राशियों पर है शनि का प्रभाव
शनिदेव मौजूदा समय में मकर राशि में विराजमान है। इस राशि में शनिदेव का परिवर्तन 24 जनवरी 2020 को हुआ था। शनि के मकर राशि में मौजूद होने की वजह से धनु,मकर और कुंभ राशि वालों पर साढ़ेसाती चल रही है और मिथुन व तुला राशि वालों पर शनि की ढैय्या। किसी भी जातक पर शनि की साढ़ेसाती तीन चरणों में रहती है। धनु राशि वालों पर साढ़ेसाती का अंतिम चरण चल रहा है, मकर राशि पर दूसरा और कुंभ राशि वालों पर साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है। शनि की साढ़ेसाती का दूसरा चरण बहुत ही कष्टकारी होता है।

शनि के राशि परिवर्तन पर इन राशियों का मिलेगी राहत
शनिदेव 29 अप्रैल 2022 को मकर राशि की अपनी यात्रा को छोड़कर कुंभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे। शनि के राशि परिवर्तन करते ही धनु राशि वालों पर चल रही साढ़ेसाती का प्रभाव खत्म हो जाएगा। वहीं मिथुन और  तुला राशि के जातकों से शनि की ढैय्या समाप्त हो जाएगी।  हालांकि 12 जुलाई 2022 को शनि के वक्री होने के कारण पुरानी वाली स्थितियां फिर से चालू हो जाएगी। मिथुन,तुला और धनु राशि से पूरी तरह शनि का प्रभाव 17 जनवरी 2023 को खत्म हो जाएगा।
विज्ञापन


ज्योतिष में शनि 
ज्योतिष में शनि को दुख, रोग, पीड़ा, तकनीकी ज्ञान, लोहा, तेल और नौकरी आदि का कारक ग्रह माना जाता है। शनिदेव मकर और कुंभ राशि के स्वामी होते हैं। तुला राशि में शनि उच्च के जबकि मेष राशि में नीच के माने गए हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें