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पांच राशियों पर रहेगा शनि की चाल का बुरा प्रभाव, जानें कब से वक्री चाल में शनिदेव

Tue, 14 Apr 2020 09:44 AM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
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shanidev
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शनि का नाम आते ही लोगों के मन में घबराहट शुरू हो जाती है। ज्योतिष शास्त्र में कहा गया कि अगर किसी भी जातक की कुंडली में शनि की अशुभ छाया पड़ जाती है तो उस व्यक्ति को तमाम तरह की परेशानियां पीछा करने लगती है। इन परेशानियों में सेहत संबंधित,नौकरी संबंधित और व्यापार से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं। बनते हुए काम बिगड़ने लगते हैं। 11 मई से शनि उल्टी चाल से चलने लगेंगे यानी मार्गी से वक्री हो जाएंगे। शनि 29 सितंबर तक वक्री में ही रहेंगे। शनि के वक्री होने से जिन जातकों के ऊपर शनि की साढ़े साती या ढैय्या सवार है उनकी परेशानियां बढ़ जाएंगी।

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इन राशियों पर है शनि की साढ़ेसाती
तीन राशियों पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है  धनु, मकर और कुंभ राशि। धनु पर साढ़ेसाती का अंतिम चरण, मकर राशि पर दूसरा चरण और कुंभ राशि पर पहला चरण चल रहा है।
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इन राशियों पर ढैय्या 
इस समय दो राशियों पर शनि की ढैय्या चल रही है। मिथुन और  तुला राशि वाले शनि के वक्री होने पर उनकी परेशानियां पहले के मुकाबले और बढ़ जाएंगी।

कब से शनि की वक्री चाल
 9 मई से शनि वक्री अवस्था में आ जाएंगे जो 29 सितंबर तक इसी अवस्था में रहेंगे। फिर इसके बाद पुन: मार्गी अवस्था में आ जाएंगे।

शनि के उपाय
- प्रत्येक शनिवार को शनि देव का उपवास रखें।
- शाम को पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं और सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
- शनि के बीज मंत्र ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः का 108 बार जाप करें।
- काले या नीले रंग के वस्त्र धारण करें।
- गरीबों को अन्न-वस्त्र दान करें।
 

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