राखी बांधते समय बहनें जरूर पढ़े ये मंत्र
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द्रौपदी ने भी बांधी राखी
भाईचारे के प्रेम का प्रतीक कहे जाने वाले इस पर्व को प्राचीन काल से ही मनाया जाता रहा है। इस पर्व से कई पौराणिक मान्यताएं भी जुड़ी हुई हैं। एक कहानी के अनुसार, महाभारत काल के दौरान, भगवान कृष्ण ने "शिशुपाल" को मारते हुए अपनी एक उंगली काट दी थी। जब द्रौपदी की दृष्टि भगवान कृष्ण की कटी हुई उंगली से निकले रक्त पर पड़ी, तो उसने घबराकर जल्दी से अपनी साड़ी का "पल्लू" फाड़ दिया और रक्तस्राव को रोकने के लिए श्री कृष्ण की उंगली पर कपड़ा बांध दिया। कहते हैं द्रौपदी ने श्री कृष्ण को सावन मास की पूर्णिमा तिथि को यह रक्षा सूत्र बांधा था। इसलिए, ऐसा माना जाता है कि राखी बांधने की परंपरा इसी के बाद शुरू हुई और राखी का त्योहार आज तक पूरी दुनिया में बहुत खुशी और उत्साह के साथ मनाया जाता है।