फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Venus Transit 2025: वृश्चिक राशि में शुक्र का गोचर, जानिए कर्क राशि वालों पर कैसा पड़ेगा प्रभाव ?

Sat, 29 Nov 2025 03:38 PM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Venus Transit 2025: कर्क राशि वालों के लिए शुक्र ग्रह चौथे और ग्यारहवें भाव के स्वामी होते हैं और 26 नवंबर को शुक्र का वृश्चिक राशि में गोचर करने से आपके पंचम भाव में गोचर हुआ है। कुंडली का पंचम भाव प्रेम, आकर्षण और शिक्षा का होता है।
विज्ञापन
Venus Transit 2025 - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Shukra Gochar 2025:  26 नवंबर 2025 से सुख और वैभव के कारक ग्रह शुक्र तुला राशि की अपनी यात्रा को विराम देते हुए अब वृश्चिक राशि में आ गए हैं। वृश्चिक राशि के स्वामी ग्रह मंगल होते हैं। ज्योतिष में शुक्र ग्रह को भौतिक सुख-सुविधाओं, भोगविलास और धन का कारक ग्रह माना जाता है। शुक्र करीब एक माह के अंतराल पर राशि परिवर्तन करते हैं। इसी के चलते 26 नवंबर को सुबह 11 बजकर 10 मिनट पर शुक्र तुला राशि की अपनी यात्रा को छोड़कर मंगल की राशि वृश्चिक में गोचर कर चुके हैं। शुक्र के वृश्चिक राशि में गोचर करने से कुछ राशि वालों के जीवन में सुख-सुविधाओं और ऐशोआराम में वृद्धि देखने को मिलेगी। भाग्य का अच्छा साथ मिलेगा और धन-दौलत में बढ़ोतरी के योग हैं। आइए जानते हैं शुक्र के वृश्चिक राशि में गोचर करने से कर्क राशि वालों पर किस तरह का प्रभाव पड़ेगा। 
विज्ञापन


कर्क राशि पर शुक्र के गोचर का असर
कर्क राशि वालों के लिए शुक्र ग्रह चौथे और ग्यारहवें भाव के स्वामी होते हैं और 26 नवंबर को शुक्र का वृश्चिक राशि में गोचर करने से आपके पंचम भाव में गोचर हुआ है। कुंडली का पंचम भाव प्रेम, आकर्षण और शिक्षा का होता है। शुक्र का वृश्चिक राशि में गोचर करने से आपकी रुचि धर्म और आध्यात्मिक कार्यों की तरफ रहेगा। सुख-सुविधाओं में वृद्धि के योग बन रहे हैं। करियर में शानदार अवसर प्राप्त होंगे। जो लोग व्यापार से संबंधित है उनको कोई अच्छी डील हासिल हो सकती है। इस दौरान आपकी आर्थिक स्थिति बेहतर रहेगी। सेहत में बेहतर सुधार देखने को मिलेगा। 
विज्ञापन


अपनी राशि के दैनिक राशिफल को और अधिक विस्तार से जानने के लिए myjyotish के बेस्ट एस्ट्रोलॉजर से कंसल्ट करें!
विज्ञापन


कुंडली में कमजोर शुक्र का प्रभाव
- जातक की कुंडली में शुक्र ग्रह कमजोर होने पर वह सुखी वैवाहिक जीवन और संतान सुख से वंचित रहता है।
- कुंडली में शुक्र के कमजोर होने पर यौन सुख नहीं प्राप्त होता है। इसके अलावा वह बीमारियों से भी घिरा रहता है।
- अगर किसी जातक की कुंडली में शु्क्र ग्रह कमजोर हो तो जातक भौतिक सुख-सुविधाओं से वंचित रहता है।
- कमजोर शुक्र होने पर व्यक्ति धर्म और अध्यात्म की तरफ जाता है। भोग विलासिता में मन नहीं लगता है।

कुंडली में शुक्र के मजूबत होने पर प्रभाव
- जिन जातकों की कुंडली में शुक्र ग्रह का प्रभाव सकारात्मक रहता है यानी शुक्र ग्रह बली होते हैं वे बहुत ही सुंदर और आकर्षक होते हैं।
- शुक्र ग्रह के कुंडली में मजबूत होने पर व्यक्ति का आत्मविश्वास ऊंचा होता है और वह सभी लोगों में काफी लोकप्रिय होता है।
- ऐसे जातक समाज में काफी ख्याति और मान-सम्मान प्राप्त करते हैं।
- जब भौतिक सुखों में वृद्धि होने लगे तो यह शुक्र के शुभ संकेत हैं।
- व्यक्ति को किसी कार्य में अचानक से लगातार सफलताएं मिलने प्रारंभ होने लगे तो समझिए यह मजबूत शुक्र के संकेत हैं।
- जब व्यक्ति के जीवन में सुख-सुविधाओं और मान-सम्मान में वृद्धि होने लगे तो कुंडली में शुक्र मजबूत मजबूत होता है।
- कुंडली में शुक्र ग्रह के मजबूत होने पर व्यक्ति कला और मनोरंजन के क्षेत्र में सफलताएं प्राप्त करता है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें