मेष राशि पर शुक्र के गोचर का प्रभाव
मेष राशि के जातकों के लिए शुक्र दूसरे और सातवें भाव के स्वामी होते हैं जो 26 नवंबर को शुक्र के वृश्चिक राशि में गोचर करने से आपके आठवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं। शुक्र का वृश्चिक राशि में गोचर करने से कर्जो से मुक्ति और पैतृक संपत्ति से लाभ मिलने की संभावना है। करियर के मामले में शुक्र के गोचर करने से कार्यक्षेत्र में अड़चनों का सामना करना पड़ सकता है। नौकरी में स्थान परिवर्तन के योग बन रहे हैं। व्यापार में आपको बाधाएं आ सकता हैं। आर्थिक स्थिति में गिरावट देखने को मिलेगा। धन हानि की संभावना है। इस बीच जीवनसाथी के बीच विवाद उत्पन्न हो सकते हैं। स्वास्थ्य की बात करें, तो आपको आंखों और दांत में दर्द झेलना पड़ सकता है।
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कुंडली में कमजोर शुक्र का प्रभाव
- जातक की कुंडली में शुक्र ग्रह कमजोर होने पर वह सुखी वैवाहिक जीवन और संतान सुख से वंचित रहता है।
- कुंडली में शुक्र के कमजोर होने पर यौन सुख नहीं प्राप्त होता है। इसके अलावा वह बीमारियों से भी घिरा रहता है।
- अगर किसी जातक की कुंडली में शु्क्र ग्रह कमजोर हो तो जातक भौतिक सुख-सुविधाओं से वंचित रहता है।
- कमजोर शुक्र होने पर व्यक्ति धर्म और अध्यात्म की तरफ जाता है। भोग विलासिता में मन नहीं लगता है।
कुंडली में शुक्र के मजूबत होने पर प्रभाव
- जिन जातकों की कुंडली में शुक्र ग्रह का प्रभाव सकारात्मक रहता है यानी शुक्र ग्रह बली होते हैं वे बहुत ही सुंदर और आकर्षक होते हैं।
- शुक्र ग्रह के कुंडली में मजबूत होने पर व्यक्ति का आत्मविश्वास ऊंचा होता है और वह सभी लोगों में काफी लोकप्रिय होता है।
- ऐसे जातक समाज में काफी ख्याति और मान-सम्मान प्राप्त करते हैं।
- जब भौतिक सुखों में वृद्धि होने लगे तो यह शुक्र के शुभ संकेत हैं।
- व्यक्ति को किसी कार्य में अचानक से लगातार सफलताएं मिलने प्रारंभ होने लगे तो समझिए यह मजबूत शुक्र के संकेत हैं।
- जब व्यक्ति के जीवन में सुख-सुविधाओं और मान-सम्मान में वृद्धि होने लगे तो कुंडली में शुक्र मजबूत मजबूत होता है।
- कुंडली में शुक्र ग्रह के मजबूत होने पर व्यक्ति कला और मनोरंजन के क्षेत्र में सफलताएं प्राप्त करता है।