वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह को बहुत ही शुभ और महत्वपूर्ण ग्रह माना जाता है। यह प्रेम, विवाह और सौंदर्य का कारक ग्रह होता है। जिन लोगों की कुंडली में शुक्र ग्रह अच्छी स्थिति में होते हैं उनके जीवन में हर तरह की सुख-सुविधाएं और सपन्नता होती है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शुक्र का गोचर सामान्य रूप से 23 से 30 दिनों के अंतराल पर होता है। अब शुक्र बीते 09 अक्तूबर को सुबह 10 बजकर 38 मिनट पर कन्या राशि में गोचर हो चुके हैं। आपको बता दें कि शुक्र कन्या राशि में नीच के होते हैं और इस राशि के स्वामी ग्रह बुध देव होते हैं। शुक्र और बुध की आपस में मित्रता का भाव रहता है। शुक्र के गोचर करने से सभी 12 राशियों के ऊपर शुभ और अशुभ दोनों ही तरह का प्रभाव देखने को मिलेगा।
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कर्क राशि पर शुक्र के गोचर का प्रभाव
सुख और सौंदर्य कारक ग्रह शुक्र कर्क राशि वालों के लिए आपकी कुंडली के चौथे और लाभ भाव के स्वामी हैं जो अब तीसरे भाव में हैं। तीसरे भाव में शुक्र के गोचर करने का परिणाम अच्छा माना जाता है। ऐसे में इस दौरान आपको शुभ समाचार की प्राप्ति हो सकती है। कोई अच्छी खबर सुनने को मिलेगी। यात्राओं के योग बन रहे हैं जो आपके लिए लाभकारी साबित होगा। यहां पर शुक्र नीच के हैं जिसे आपको सावधानी बरतनी होगी। वहीं दूसरी तरफ चौथे भाव के स्वामी का नीच होकर आपके द्वादश भाव में जाना अच्छा संकेत हैं। इस दौरान जब तक शुक्र नीच में रहेंगे आपको वाहन सावधानी से चलाना होगा।
कुंडली में कमजोर शुक्र का प्रभाव
- जातक की कुंडली में शुक्र ग्रह कमजोर होने पर वह सुखी वैवाहिक जीवन और संतान सुख से वंचित रहता है।
- कुंडली में शुक्र के कमजोर होने पर यौन सुख नहीं प्राप्त होता है। इसके अलावा वह बीमारियों से भी घिरा रहता है।
- अगर किसी जातक की कुंडली में शु्क्र ग्रह कमजोर हो तो जातक भौतिक सुख-सुविधाओं से वंचित रहता है।
- कमजोर शुक्र होने पर व्यक्ति धर्म और अध्यात्म की तरफ जाता है। भोग विलासिता में मन नहीं लगता है।
कुंडली में शुक्र के मजूबत होने पर प्रभाव
- जिन जातकों की कुंडली में शुक्र ग्रह का प्रभाव सकारात्मक रहता है यानी शुक्र ग्रह बली होते हैं वे बहुत ही सुंदर और आकर्षक होते हैं।
- शुक्र ग्रह के कुंडली में मजबूत होने पर व्यक्ति का आत्मविश्वास ऊंचा होता है और वह सभी लोगों में काफी लोकप्रिय होता है।
- ऐसे जातक समाज में काफी ख्याति और मान-सम्मान प्राप्त करते हैं।
- जब भौतिक सुखों में वृद्धि होने लगे तो यह शुक्र के शुभ संकेत हैं।
- व्यक्ति को किसी कार्य में अचानक से लगातार सफलताएं मिलने प्रारंभ होने लगे तो समझिए यह मजबूत शुक्र के संकेत हैं।
- जब व्यक्ति के जीवन में सुख-सुविधाओं और मान-सम्मान में वृद्धि होने लगे तो कुंडली में शुक्र मजबूत मजबूत होता है।
- कुंडली में शुक्र ग्रह के मजबूत होने पर व्यक्ति कला और मनोरंजन के क्षेत्र में सफलताएं प्राप्त करता है।