फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

9 फरवरी को मकर राशि में इन 6 ग्रहों के आने से भारी प्राकृतिक आपदा के आने की आशंका, होगी जन-धन की हानि

Sun, 07 Feb 2021 04:00 PM IST
रुस्तम राणा पं. मनोज कुमार द्विवेदी, ज्योतिषाचार्य, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 6
9 फरवरी की रात जब चंद्रमा का प्रवेश मकर राशि में होगा तो एक ऐसा महासंयोग बनेगा जो दुर्लभ और अद्भुत है। - फोटो : Pixabay
ग्रहों की चाल का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष प्रभाव हमारे जीवन पर पड़ता है। ज्योतिष गणना के अनुसार, 59 साल के बाद ग्रहों का विचित्र संयोग फरवरी के महीने में बनने जा रहा है। 9 फरवरी की रात जब चंद्रमा का प्रवेश मकर राशि में होगा तो एक ऐसा महासंयोग बनेगा जो दुर्लभ और अद्भुत है। मेदिनी ज्योतिष में कहा गया है कि जब एक राशि में 5 या उससे अधिक ग्रह यदि आकर युति करें तब देश-दुनिया में बड़े भू-राजनीतिक बदलाव आते हैं और इस बदलाव का असर लम्बे समय तक रहता है। सूर्य, गुरु, शनि, चन्द्रमा, बुध तथा शुक्र आदि ग्रह जब एक राशि में आ जाएं तो युद्ध या बड़े जनांदोलन जैसी आपात स्थितियां पैदा होती हैं। ऐसा उल्लेख मेदनीय ज्योतिष की पुस्तकों में मिलता है।
विज्ञापन

2 of 6
आतंकवाद (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
1962 में आए थे मकर में 7 ग्रह
इससे पहले फरवरी महीने में ही 1962 में मकर राशि में 7 ग्रहों का संयोग हुआ था। इस संयोग का परिणाम यह हुआ था कि दो महाशक्तियों अमेरिका और तत्कालीन सोवियत रूस ‘क्यूबा मिसाइल’ संकट में उलझ गए थे औऱ युद्ध के भय से विश्व राजनीति दो खेमों में बंट गई थी। इससे दशकों तक ‘शीत-युद्ध’ की स्थिति बनी रही। बाद में वर्ष 1979 के सितंबर महीने में सिंह राशि में 5 ग्रहों के योग ने ईरान में इस्लामिक क्रांति से मुस्लिम जगत में उथल-पुथल मचा दी, जिससे अफगानिस्तान, पाकिस्तान और भारत में इस्लामिक आतंकवाद का प्रसार हुआ और दशकों तक भारत सहित दुनिया के कई देशों में रक्तपात हुआ। अभी वर्ष 2019 में 26 दिसंबर को धनु राशि में सूर्य ग्रहण के समय 5 ग्रहों के योग ने कोरोना वायरस महामारी और आर्थिक मंदी ने जो तबाही मचा दी है, उससे संपूर्ण विश्व बड़ी मानवीय त्रासदी से गुज़र रहा है। अब 09 फरवरी को रात 08:30 से 12 फरवरी को प्रात: 02:10 तक मकर राशि में बन रही 6 ग्रहों की युति एक बार फिर से देश-दुनिया में बड़े बदलावों का संकेत दे रही है।


 
विज्ञापन

3 of 6
इस योग के कारण चीन और पाकिस्तान को किसी बड़े संकट का सामना करना पड़ सकता है। (इमरान खान और शी जिनपिंग) - फोटो : पीटीआई
पड़ोसी देशों पर आएगा कोई महासंकट
हमारे पड़ोसी देश चीन और पाकिस्तान को किसी बड़े संकट का सामना करना होगा, जिसकी ज्योतिषीय दृष्टिकोण से संभावना 6 ग्रहों के मकर राशि में युति से बन रही है। पाकिस्तान की चंद्र राशि मिथुन है, जिससे विनाश के अष्टम भाव में बन रही यह महायुति किसी बड़े भूकंप से देश को नुकसान पहुंचा सकती है। चीन की जन्म राशि मकर में शनि-गुरु सहित अन्य ग्रहों का गोचर वहां आर्थिक संकट से असंतोष पैदा करेगा। चीन के शेयर बाजारों में गिरावट दुनिया भर के धन कुबेरों को बड़ा झटका देगी। भारत में भी शेयर बाजार में कुछ उथल-पुथल मच सकती है।

4 of 6
मकर राशि में शनि-गुरु की युति होना तथा उससे केंद्र में मेष राशि में भूमि पुत्र मंगल की स्थिति भूकंपन का योग बनाती है। - फोटो : iStock
भूकंप और ओलावृष्टि के हैं योग
मेदिनी ज्योतिष में मकर राशि को जल राशि तथा पृथ्वी तत्व से प्रभावित माना जाता है। मकर राशि में शनि-गुरु की युति होना तथा उससे केंद्र में मेष राशि में भूमि पुत्र मंगल की स्थिति भूकंपन का योग बनाती है। सूर्य और चंद्रमा 12 फरवरी की अमावस्या के दिन पृथ्वी तत्व की राशि और पृथ्वी तत्व के नवांश में होकर भूकंप का योग बना रहे हैं। इस योग के प्रभाव से 15 दिनों के भीतर पाकिस्तान और उत्तर भारत में भूकंप के झटके महसूस किए जा सकते हैं। 12 फरवरी की अमावस्या के बाद असामान्य वर्षा और ओलावृष्टि का योग भी बन रहा है। उत्तर भारत में ओलावृष्टि से कुछ स्थानों पर फसलों को नुकसान पहुंच सकता है तथा पहाड़ों पर बर्फ पड़ने से सर्दी का मौसम लंबा खींच सकता है।
विज्ञापन

5 of 6
इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में क्रांति आने के संकेत हैं। - फोटो : PTI
नव संवत्सर में होगी आर्थिक प्रगति
नया संवत 2078, 13 अप्रैल को आरंभ होने जा रहा है, जिसमें राजा और मंत्री दोनों ही मंगल हैं। क्म्युनिकेशन के क्षेत्र में क्रांति आएगी. सॉफ्टवेयर, सूचना एवं प्रौद्यागिकी क्षेत्र, रोड ट्रांसपोर्ट में, विज्ञान के क्षेत्र में अप्रत्याशित तथा अभूतपूर्व सुखद परिवर्तन एवं प्रगति होगी। आर्थिक प्रगति होगी। अप्रैल 6, 2021 के बाद जब गुरु और शनि अलग होंगे, तब कहीं जाकर वर्तमान आंदोलन में कुछ सुधार आएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
ग्रहों के योग से भारत की साख पूरे विश्व में बढ़ेगी। - फोटो : सोशल मीडिया
विश्व में बढ़ेगी भारत की साख
मकर राशि प्रधानमंत्री मोदी जी की कुंडली के तृतीय, पराक्रम भाव में हैं, जिसके कारण वे अपनी कुशल राजनीति से वर्तमान अव्यवस्था पर काबू पाने में काफी हद तक कामयाब रहेंगे। कोरोना वैक्सीन के कारण भी भारत की साख विश्व में बढ़ेगी। अधिकांश देशों में भारत के योग का प्रसार होगा। भारतीय मूल के नागरिक अन्य देशों में सरकारी पदों पर विराजमान होंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें