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Surya Gochar 2025: सूर्य का मिथुन राशि में परिवर्तन, जानिए वृश्चिक राशि पर कैसा होगा असर ?

Tue, 17 Jun 2025 05:58 PM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Surya Gochar 2025: वृश्चिक राशि के जातकों के लिए सूर्य दशम भाव के स्वामी होते हैं। 15 जून को सूर्य को मिथुन राशि में गोचर होने से यह आपके आठवें भाव में इस समय गोचर कर रहे हैं। यहां पर सूर्य का गोचर वृश्चिक राशि वालों के लिए सेहत के मामले में दिक्कतें पैदा कर सकता है।
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सूर्य का मिथुन राशि में गोचर - फोटो : adobe stock
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विस्तार
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Surya Gochar 2025: 15 जून से लेकर 16 जुलाई 2025 तक सूर्य मिथुन राशि में गोचर करेंगे। फिर इसके बाद चंद्रमा की राशि कर्क में प्रवेश कर जाएंगे। वैदिक ज्योतिष में सूर्य का गोचर बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाना जाता है। कुंडली में सूर्य की मजबूत स्थिति से व्यक्ति को समाज में मान-सम्मान और पद-प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है। सूर्य हर माह अपनी राशि बदलते हैं। ऐसे में सूर्य का मिथुन राशि में गोचर करने से वृश्चिक राशि के जातकों पर किस तरह का प्रभाव पड़ेगा आइए जानते हैं। 
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वृश्चिक राशि सूर्य के गोचर का प्रभाव
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए सूर्य दशम भाव के स्वामी होते हैं। 15 जून को सूर्य को मिथुन राशि में गोचर होने से यह आपके आठवें भाव में इस समय गोचर कर रहे हैं। यहां पर सूर्य का गोचर वृश्चिक राशि वालों के लिए सेहत के मामले में दिक्कतें पैदा कर सकता है। ऐसे में आपको अतिरिक्त सावधानी सेहत के मामलों में रखनी होगी। नहीं तो इसका नुकसान आपको को हो सकता है। वहीं इसके अलावा आर्थिक नजरिए से भी सूर्य का गोचर आपके लिए अच्छा नहीं कहा जा सकता है। कार्यक्षेत्र में आपको अतिरिक्ति जिम्मेदारी और मेहनत करनी पड़ सकती है। 

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कुंडली में सूर्य ग्रह
ज्योतिष शास्त्र में सूर्य का विशेष महत्व होता है। सनातन धर्म में सूर्य को आत्मा का कारक माना जाता है और सूर्य सभी जीव में जीवन के संचार का प्रमुख स्त्रोत है। कुंडली में सूर्य व्यक्ति के मान-सम्मान, नेतृत्व क्षमता, यश, प्रतिष्ठा, सफलता, उच्च पद, सरकारी नौकरी, साहस और पराक्रम का परिनिधित्व करता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली में सूर्य की मजबूती से व्यक्ति का व्यक्तित्व मजबूत होता है। कुंडली में अगर सूर्य उच्च अवस्था में हैं और शुभ ग्रहों की उस पर द्दष्टि पड़ रहा है तो व्यक्ति को समाज में मान-सम्मान और पद-प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है। व्यक्ति ऊंचे मुकाम को हासिल करता है। व्यक्ति सरकारी और राजनीति के क्षेत्र में बहुत ऊंचे पद पर जाता है। वहीं जब सूर्य कुंडली में कमजोर अवस्था में रहता है तो व्यक्ति को सेहत संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। 

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