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Surya Gochar 2025: सूर्य का मिथुन राशि में परिवर्तन, जानिए तुला राशि पर कैसा होगा असर ?

Tue, 17 Jun 2025 04:22 PM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Surya Gochar 2025: तुला राशि के जातकों के लिए सूर्य एकादश भाव भाव के स्वामी होते हैं। 15 जून 2025 को सूर्य के मिथुन राशि में गोचर करने से यह आपके नवम भाव में हैं। कुंडली का नवम भाव भाग्य का भाव कहलाता है।
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तुला राशि पर सूर्य के गोचर का प्रभाव - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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Surya Gochar 2025: एक साल बाद ग्रहों के राजा सूर्य मिथुन राशि में प्रवेश कर लिया है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्यदेव किसी एक राशि में करीब 30 दिनों तक रहते हैं फिर इसके बाद राशि बदलते हैं। इसी क्रम में सूर्यदेव 15 जून 2025 को सुबह मिथुन राशि में गोचर कर चुके हैं। मिथुन राशि के स्वामी ग्रह बुध ग्रह होते हैं और बुध-सूर्य की आपस में मित्रता का भाव रहता है। मिथुन राशि में सूर्य के गोचर से गुरु और बुध के साथ युति भी बनी हुई है, जिससे बुधाधित्य राजयोग और गुरु आदित्य राजयोग बना हुआ है। सूर्य के मिथुन राशि में प्रवेश करने से सभी 12 राशियों के जातकों पर विशेष प्रभाव देखने को मिलेगा। आइए जानते हैं सूर्य के बुध की राशि में गोचर करने से तुला राशि के जातकों पर किस तरह का प्रभाव देखने को मिलेगा।  
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तुला राशि पर सूर्य के गोचर का प्रभाव
तुला राशि के जातकों के लिए सूर्य एकादश भाव भाव के स्वामी होते हैं। 15 जून 2025 को सूर्य के मिथुन राशि में गोचर करने से यह आपके नवम भाव में हैं। कुंडली का नवम भाव भाग्य का भाव कहलाता है। ऐसे में सूर्यदेव की कृपा से आपकी आय में वृद्धि होगी। लाभ के अवसरों में वृद्धि होगी। वहीं पारिवारिक जीवन में सुख-समृद्धि  और शांति रहेगी। जो लोग कार्य के संबंध में लंबी यात्रा पर जाना चाहते हैं उनके लिए यह अच्छा साबित होगा। नौकरीपेशा जातकों को नई नौकरी के अवसरों में वृद्धि होगी। धर्म-कर्म की तरफ आपका रूझान बढ़ेगा। जो लोग सरकारी क्षेत्र से जुड़े हुए हैं उनको नए अवसरों की प्राप्ति हो सकती है। 

Mithun Sankranti: सूर्य का मिथुन राशि में गोचर, जानें सभी 12 राशियों पर इसका प्रभाव
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कुंडली में सूर्य ग्रह
ज्योतिष शास्त्र में सूर्य का विशेष महत्व होता है। सनातन धर्म में सूर्य को आत्मा का कारक माना जाता है और सूर्य सभी जीव में जीवन के संचार का प्रमुख स्त्रोत है। कुंडली में सूर्य व्यक्ति के मान-सम्मान, नेतृत्व क्षमता, यश, प्रतिष्ठा, सफलता, उच्च पद, सरकारी नौकरी, साहस और पराक्रम का परिनिधित्व करता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली में सूर्य की मजबूती से व्यक्ति का व्यक्तित्व मजबूत होता है। कुंडली में अगर सूर्य उच्च अवस्था में हैं और शुभ ग्रहों की उस पर द्दष्टि पड़ रहा है तो व्यक्ति को समाज में मान-सम्मान और पद-प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है। व्यक्ति ऊंचा मुकाम को हासिल करता है। व्यक्ति सरकारी और राजनीति के क्षेत्र में बहुत ऊंचे पद पर जाता है। वहीं जब सूर्य कुंडली में कमजोर अवस्था में रहता है तो व्यक्ति को सेहत संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। 

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