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Surya Gochar 2025: सूर्य का मिथुन राशि में परिवर्तन, जानिए मकर राशि पर कैसा होगा असर ?

Wed, 18 Jun 2025 02:29 PM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Surya Gochar 2025: मकर राशि वालों के लिए सूर्य अष्टम भाव के स्वामी होते हैं और सूर्य का गोचर मिथुन राशि में होने से यह आपके छठे भाव में विराजमान होंगे। सूर्य का छठे भाव में गोचर करने से आपको इस दौरान बहुत ज्यादा मेहनत हो सकती है, जिसमें आपको अपनी काफी ऊर्जा का खर्च करना पड़ सकता है।
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मकर राशि पर सूर्य के गोचर का प्रभाव - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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Surya Gochar 2025: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में सूर्य ग्रह को सभी नवग्रहों का राजा माना जाता है। सूर्य हर माह अपनी राशि में परिवर्तन करते हैं जिसे संक्रांति के नाम से जाना जाता है। 15 जून 2025 को सूर्य के वृषभ राशि में गोचर करने से इसका प्रभाव सभी राशियों के जातकों के जीवन पर देखने को मिल रहा है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिन जातकों की कुंडली में सूर्य कमजोर स्थिति में होते हैं उनको स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा नौकरी हासिल में कुछ चुनौतियों का भी सामना करना पड़ता है। आइए जानते हैं सूर्य के मिथुन राशि में गोचर करने से मकर राशि वालों पर किस तरह का प्रभाव देखने को मिलेगा। 
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मकर राशि सूर्य के गोचर का प्रभाव
मकर राशि वालों के लिए सूर्य अष्टम भाव के स्वामी होते हैं और सूर्य का गोचर मिथुन राशि में होने से यह आपके छठे भाव में विराजमान होंगे। सूर्य का छठे भाव में गोचर करने से आपको इस दौरान बहुत ज्यादा मेहनत हो सकती है, जिसमें आपको अपनी काफी ऊर्जा का खर्च करना पड़ सकता है। इसके अलावा आपको अपने विरोधियों से सतर्क रहने की जरूरत होगी। किसी भी कार्य में सफलता हासिल करने में आपको बहुत ही ईमानदारी से काम करना होगा। कार्यक्षेत्र में आपको चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। वहीं जिन जातकों का कोई मामला कोर्ट-कचहरी में चल रहा है उसका फैसला आपके पक्ष में आ सकता है।  

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कुंडली में सूर्य ग्रह
ज्योतिष शास्त्र में सूर्य का विशेष महत्व होता है। सनातन धर्म में सूर्य को आत्मा का कारक माना जाता है और सूर्य सभी जीव में जीवन के संचार का प्रमुख स्त्रोत है। कुंडली में सूर्य व्यक्ति के मान-सम्मान, नेतृत्व क्षमता, यश, प्रतिष्ठा, सफलता, उच्च पद, सरकारी नौकरी, साहस और पराक्रम का प्रतिनिधित्व करता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली में सूर्य की मजबूती से व्यक्ति का व्यक्तित्व मजबूत होता है। कुंडली में अगर सूर्य उच्च अवस्था में हैं और शुभ ग्रहों की उस पर द्दष्टि पड़ रहा है तो व्यक्ति को समाज में मान-सम्मान और पद-प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है। व्यक्ति ऊंचे मुकाम को हासिल करता है। व्यक्ति सरकारी और राजनीति के क्षेत्र में बहुत ऊंचे पद पर जाता है। वहीं जब सूर्य कुंडली में कमजोर अवस्था में रहता है तो व्यक्ति को सेहत संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। 
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