Shankh Yog: वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुंडली में कई तरह के शुभ योगों का निर्माण होता है। जब कुंडली में राजयोग बनता है तो व्यक्ति के जीवन में सुख, समृद्धि, संपन्नता और धन की कमी नहीं रहती है। ज्योतिष के अनुसार ग्रहों, नक्षत्रों और राशियों के संयोग से कई तरह के राजयोग बनते हैं जिसमें एक शंख राजयोग होता है। इस राजयोग को बहुत ही शुभ और फलदायी माना जाता है। जब किसी व्यक्ति की कुंडली में यह राजयोग बनता है तो व्यक्ति कई तरह की परिस्थितियों का सामना साहस और पराक्रम से करता है। जिन लोगों की कुंडली में शंख राजयोग बनता है वे हर एक मुश्किलों का सामना डटकर करते हैं। आइए जानते हैं कैसे बनता है यह शंख राजयोग और इसके क्या-क्या लाभ होते हैं।
कुंडली में कैसे बनता है शंख योग
वैदिक ज्योतिष के अनुसार शंख राजयोग तब बनता है जब कुंडली पंचम और छठे भाव के स्वामी की स्थिति खास होती है और और लग्न का स्वामी भी मजबूत होता है तो शंख योग बनता है। जो ग्रह इस योग को बनाते हैं और खास स्थिति में होते हैं इस योग का बहुत जाता असर होता है।
शंखयोग वाले जातकों का स्वभाव
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिन लोगों की कुंडली में यह शंख योग बनता है वे बहुत ही शांत स्वभाव के होते है और कोई भी फैसला बहुत ही सोच-समझकर लेते हैं। ये लोग किसी भी गंभीर मामलों को बहुत ही आसानी के साथ हैंडल करते हैं। इस योग में जन्मे जातक कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी आसानी के साथ हल निकाल लेते हैं। इनका स्वभाव दूसरों के मदद करने वाला होता है।
शंखयोग और करियर
इस योग में जन्मे जातक करियर-कारोबार में बहुत आगे बढ़ते हैं। इस तरह के लोग बचपन से ही पढ़ाई में काफी होशियार होते हैं। ऐसे लोगों के अंदर अच्छी लीडरशिप वाले गुण मौजूद होते हैं।
शंखयोग के लाभ
जिन लोगों की कुंडली में ये शंखयोग बनता है उनकी आर्थिक स्थिति समय के साथ धीरे-धीरे आगे बढ़ती और मजबूत होती है। ऐसे लोग पैसे के मामले में बहुत ही सोच-समझकर आगे बढ़ते हैं। ये लोग अपनी काबिलियत के बल पर आसानी से लोगों का भरोसा जीत लेते हैं। इस योग के बनने पर जातकों को अपनी मेहनत के बल पर ऊंचा मुकाम हासिल करने में कामयाब होते हैं।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।