सभी ग्रहों में शनि ग्रह को सबसे मंद गति से चलने वाला ग्रह माना जाता है। शनि एक राशि में करीब ढाई वर्षों तक रहते हैं फिर इसके बाद दूसरी राशि में गोचर करते हैं। सभी 9 ग्रहों में सिर्फ शनि के पास साढ़ेसाती और ढैय्या लगाने का अधिकार प्राप्त है। शनि की साढ़ेसाती का नाम आते ही लोगों के मन में भय व्याप्त हो जाता है। हालांकि शनि अनुशासन, संघर्ष, न्याय और कर्म का दाता ग्रह है। शनि अच्छे कर्म करने पर अच्छा फल जबकि बुरे कर्म करने पर बुरा फल प्रदान करते हैं। आइए जानते हैं किन-किन राशियों पर चल रही है शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या और इससे बचने के उपाय के बारे में...
इन राशियों पर शनि की साढ़ेसाती
शनि सभी ग्रहों में सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह हैं और शनि अभी मीन राशि में है। इस कारण से मीन, कुंभ और मेष राशि के जातकों के ऊपर शनि का साढ़ेसाती का प्रभाव है। वहीं अगर शनि की ढैय्या की बात करें सिंह और धनु राशि के लोगों के ऊपर शनि की ढैय्या चल रही है।
साढ़ेसाती और ढैय्या पर क्या करें
शनि न्याय और जिम्मेदारी के कारक ग्रह हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब किसी के ऊपर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या हो तो उस समय जरूरतमंद लोगों की मदद करना अच्छा माना जाता है। ऐसे में जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए, मजदूरों और गरीबों को कुछ न कुछ देकर उनका सम्मान करना चाहिए। शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए शनिवार के दिन सरसों का तेल, काले कपड़े और लोहे की वस्तुओं का दान करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा शनि की साढ़ेसाती के प्रभाव को कम करने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ करना बहुत ही लाभकारी और शुभ माना जाता है। इससे मन से नकारात्मकता दूर होती है।
मजदूरों का करें हमेशा सम्मान
शनि सेवक और मेहनत के कारक ग्रह हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जो लोग गरीबों और असहायों की समय-समय पर मदद करते हैं, उनके साथ अच्छा व्यवहार करते हैं शनिदेव उनके ऊपर हमेशा प्रसन्न रहते हैं। इसलिए जब भी आपके ऊपर शनि की साढ़ेसाती या फिर ढैय्या का प्रभाव रहे तो हमेशा गरीबों के साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए।
इन बातों से बचें
शास्त्रों के अनुसार शनि व्यक्ति को उनके कर्मों के आधार पर फल देते हैं। ऐसे में व्यक्ति को गलत काम करने से बचना चाहिए। किसी असहाय व्यक्ति को परेशान नहीं करना चाहिए। हमेशा अच्छे कर्म और अनुशासन के साथ रहना चाहिए।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।