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Shani Parivartan 2022: कल शनि देव करेंगे मकर राशि में प्रवेश, इन राशियों को मिलेगी साढ़ेसाती और ढैय्या से मुक्ति

Mon, 11 Jul 2022 03:35 PM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मकर राशि में शनि के आने की वजह से दोबारा से धनु राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती शुरू हो जाएगी। वहीं शनि के कुंभ से मकर राशि में गोचर करने पर मीन राशि वालों को साढ़ेसाती से मुक्ति मिल जाएगी।
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shanidev: 2 जुलाई से शनि के मकर राशि में आने के कारण इन राशियों पर साढ़ेसाती और ढैय्या शुरू हो जाएगी। - फोटो : Social media
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विस्तार
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न्याय और कर्मफलदाता शनिदेव अब 12 जुलाई से कुंभ राशि की अपनी यात्रा को छोड़कर मकर राशि में वक्री चाल से चलेंगे। शनि इससे पहले 29 अप्रैल को कुंभ राशि में प्रवेश किया था। ज्योतिष में शनि को कर्मों के आधार पर व्यक्ति को फल प्रदान करते हैं। जो व्यक्ति अच्छे कर्म करता है शनिदेव उस पर अपनी कृपा बरसाते हैं। शनि सभी ग्रहों में सबसे धीमी गति से चलते हैं। मंद गति से चलने के कारण जातकों के ऊपर शनि का प्रभाव ज्यादा समय के लिए रहता है। जब-जब शनि का राशि परिवर्तन होता है तब-तब किसी राशि पर साढ़ेसाती और ढैय्या शुरू हो जाती है तो किसी से शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या खत्म हो जाती है। ऐसे में 12 जुलाई से शनि के मकर राशि में आने के कारण इन राशियों पर साढ़ेसाती और ढैय्या शुरू हो जाएगी।
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इन राशियों पर शनि की साढ़ेसाती
मकर राशि में शनि के आने की वजह से दोबारा से धनु राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती शुरू हो जाएगी। वहीं शनि के कुंभ से मकर राशि में गोचर करने पर मीन राशि वालों को साढ़ेसाती से मुक्ति मिल जाएगी। आपको बता दें कि धनु राशि पर साढ़ेसाती का आखिरी चरण रहेगा। मकर व कुंभ राशि भी शनि की साढ़ेसाती रहेगी। ऐसे में 12 जुलाई के बाद से धनु,मकर और कुंभ राशि के जातकों पर नौकरी,व्यापार और सेहत के मामले में सचेत रहने की जरूरत होगी।

इन राशियों पर शनि की ढैय्या का प्रभाव
अभी के समय में देखा जाए तो कर्क और वृश्चिक राशि वालों पर शनि की ढैय्या चल रही है। 12 जुलाई के बाद जैसे ही शनि मकर राशि में प्रवेश करेंगे मिथुन और तुला राशि वालों पर शनि की ढैय्या दोबारा से आरंभ हो जाएगी। इस तरह से देखा जाए तो मिथुन राशि के लिए शनि का गोचर कुंडली में आठवें भाव में और तुला राशि पर शनि के तिरछी नजर रहेगी। इस तरह से देखा जाए तो इन दो राशि के जातकों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
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शनि दोष को कम करने के उपाय
शनिदेव के दिव्य मंत्र ‘ऊं प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम:’ का इस दिन जप करने से प्राणी भयमुक्त रहता है।
  • शनिदेव के आराध्य भगवान शिव हैं। शनि दोष की शांति के इस दिन शनिदेव की पूजा के साथ-साथ शिवजी पर काले तिल मिले हुए जल से 'ॐ नमः शिवाय'का उच्चारण करते हुए अभिषेक करना चाहिए।
  • शनिदेव की प्रसन्नता के लिए जातक को शनिवार के दिन व्रत रखना चाहिए एवं गरीब लोगों की मदद करनी चाहिए,ऐसा करने से जीवन में आए संकट दूर होने लगते हैं।
  • शनिदेव,हनुमानजी की पूजा करने वालों से सदैव प्रसन्न रहते हैं,इसलिए इनकी कृपा पाने के लिए शनि पूजा के साथ-साथ हनुमान जी की भी पूजा करनी चाहिए।
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