Shani Gochar 2025: 29 मार्च को शनि का गोचर मीन राशि में होगा
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Shani Gochar 2025: मार्च महीने के आखिरी दो दिन धर्म और ज्योतिष शास्त्र के नजरिए से कई महत्वपूर्ण घटनाएं घटित होंगी। सबसे पहले 29 मार्च को सभी ग्रहों में सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह शनि ढाई वर्षों बाद राशि परिवर्तन करेंगे। शनि कुंभ से मीन राशि में गोचर करेंगे। वहीं इसी दिन अमावस्या तिथि पर साल का पहला सूर्य ग्रहण भी लगेगा और 30 मार्च से चैत्र नवरात्रि शुरू हो जाएंगे जो नया हिंदू कैलेंडर का नव विक्रम संवत् 2082 शुरू हो जाएगा। आइए विस्तार से जानते हैं इन तीनों बड़े घटनाक्रमों के बारे में।
शनि गोचर 2025: मकर राशि से खत्म होगी साढ़ेसाती और मेष राशि पर शुरू होगी
- वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शनि को बहुत ही प्रभावशाली ग्रह माना जाता है। शनि का प्रभाव देश-दुनिया के साथ-साथ सभी 12 राशियों पर पड़ता है। सभी ग्रहों में शनि सबसे धीमी चाल से चलने वाले ग्रह होते हैं इस कारण से इन असर काफी समय तक रहता है। शनि एक राशि में करीब ढाई साल तक रहते हैं। शनि ही एक मात्र ऐसे ग्रह हैं जिनके पास साढ़ेसाती और ढैय्या होती है। 29 मार्च 2025 को शनि राशि बदलकर कुंभ से मीन राशि में प्रवेश करेंगे। कुंभ राशि शनिदेव की स्वराशि है जबकि मीन राशि पर देवगुरु बृहस्पति का आधिपत्य प्राप्त है।
- 29 मार्च 2025 को शनि जैसे ही राशि परिवर्तन करेंगे वैसी ही राशियों पर साढ़ेसाती और ढैय्या में भी बदलाव आ जाएगा। शनि के मीन राशि में गोचर करने से मकर राशि से साढ़ेसाती खत्म हो जाएगी और मेष राशि पर साढ़ेसाती शुरू हो जाएगी। इसके अलावा कुंभ और मीन पर साढ़ेसाती चलती रहेगी।
- शनि के मीन राशि में गोचर करने से कर्क और वृश्चिक राशि पर से ढैय्या खत्म हो जाएगी जबकि सिंह और धनु राशि पर ढैय्या शुरू हो जाएगी।
- 29 मार्च 2025 के बाद से शनि पूरे साल मीन राशि में ही रहेंगे। इस दौरान 13 जुलाई को शनि वक्री होंगे और 28 नवंबर को मार्गी हो जाएंगे।
29 मार्च को साल का पहला सूर्य ग्रहण
- साल का पहला सूर्य ग्रहण शनि के गोचरकाल के दौरान होगा। 29 मार्च को चैत्र माह की अमावस्या तिथि है और इसी दिन सूर्य ग्रहण भी होगा। लेकिन यह सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा। इस कारण से भारत में ग्रहण का कोई भी प्रभाव और सूतक नहीं रहेगा। इस दिन सामान्य दिनों की तरह पूजा-पाठ और धर्म-कर्म करने में कोई भी परेशानी नहीं होगी।
- भारतीय समय के अनुसार 29 मार्च को सूर्य ग्रहण दोपहर 2 बजकर 21 मिनट पर शुरू होगा और इसका समापन 6 बजकर 14 मिनट पर खत्म होगा। यह सूर्य ग्रहण अफ्रीका, यूरोप और उत्तरी रूस में दिखाई देगा। सूर्य ग्रहण के दिन यानी अमावस्या तिथि पर गंगा स्नान और पितरों को तर्पण दिया जाएगा।
30 मार्च को नया हिंदू नववर्ष विक्रम संवत् 2082 होगा शुरू
- शनि राशि परिवर्तन और सूर्य ग्रहण के अगले दिन यानी 30 मार्च को नया हिंदू नववर्ष विक्रम संवत् 2082 शुरू होगा। इस दिन से देवी आराधना का महापर्व चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होगी और गुड़ी पड़वा का पर्व भी इसी दिन मनाया जाएगा।
- विक्रम संवत् की शुरुआत उच्जैन के राजा विक्रमादित्य ने की थी। विक्रम संवत की शुरुआत 57 ईसा पूर्व में हुई थी। सभी हिंदू व्रत, त्योहार, शुभ कार्यों के लिए मुहूर्त और ज्योतिषीय गणनाएं विक्रम संवत के चंद्र और सौर मास की स्थितियों पर आधारित है।
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