Shani Dhaiya 2026: ज्योतिष में शनिदेव को न्याय और कर्मफलदाता ग्रह माना जाता है। सभी ग्रहों में शनि सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह हैं और यह एक राशि में करीब ढाई वर्षों तक रहने के बाद दूसरी राशि में गोचर करते हैं। इस तरह से राशिचक्र का एक चक्कर लगाने में 30 वर्षों का समय लग जाता है। शनि के राशि परिवर्तन करने से तीन राशियों पर शनि की साढ़ेसाती और दो पर ढैय्या शुरू हो जाती है। आपको बता दें कि शनि इस समय मीन राशि में हैं जिसके चलते सिंह और धनु राशि वालों पर शनि की ढैय्या चल रही है। आइए जानते हैं इन दो राशियों पर कब खत्म होगी ढैय्या और क्या रहेगा प्रभाव।
सिंह राशि
शनि के मीन राशि में गोचर करने से सिंह राशि वालों पर शनि की ढैय्या 29 मार्च 2025 से शुरू हुई थी। ऐसे में नौकरी-कारोबार में जिम्मेदारियां बढ़ सकती है। आने वाले समय में आपको किसी तरह की जल्दबाजी करने से बचना होगा। धन के मामले में आपको बहुत ही सोच-समझकर फैसला लेना होगा। परिवार संग बेहतर तालमेल बनाकर चलना होगा। इस दौरान वाद-विवाद से दूर रहने की जरूरत होगी। जून 2027 में जब शनि मीन राशि से निकलकर मेष राशि में गोचर करेंगे तब इसके बाद सिंह राशि पर शनि की ढैय्या खत्म हो जाएगी।
धनु राशि
जून 2027 में शनि के मेष राशि में गोचर करने से धनु राशि वालों पर चल रही शनि की ढैय्या खत्म हो जाएगी। इस दौरान धनु राशि वालों के ऊपर शनि की ढैय्या का प्रभाव बना रहेगा। आपको कार्यों में मेहनत का दबाव रहेगा। कुछ कामों में आपको लापरवाही करने से बचना होगा। इस दौरान बेफिजूल के खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है। नौकरीपेशा जातकों को नई नौकरी के लिए कुछ बेहतर अवसर मिल सकते हैं।
क्या होता है शनि की ढैय्या
शनि की ढैय्या ढाई साल तक रहती है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब शनि जन्म राशि से चौथे या फिर आठवें भाव में आते हैं तो उसे शनि की ढैय्या कहा जाता है। इस दौरान आपको मेहनत और अनुशासन का फल मिलता है।
Predictions: 30 जुलाई तक इन 3 राशि वालों पर रहेगी भाग्य की मेहरबानी, हर क्षेत्र में मिलेंगे मनचाहे रिजल्ट
Astrological Reason: आखिर क्यों शनिवार को बाल काटने या धोने की होती है मनाही ? जानिए इसके पीछे का कारण
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।