ज्योतिष में शनि को सबसे प्रभावशाली और मंद गति से चलने वाला ग्रह माना जाता है। कुंडली में शनि की स्थिति अगर शुभ हो या फिर शनि प्रसन्न हो तो जातक के जीवन में किसी तरह की कोई कमी नहीं होती है। ज्योतिष में शनि कब और कैसे प्रसन्न होते हैं इसके बारे में विस्तार से बताया गया है। अगर व्यक्ति की कुंडली में शनि की स्थिति अच्छी है और जातक के कर्म अच्छे हैं तो शनिदेव प्रसन्न रहते हैं। आइए जानते हैं शनि के प्रसन्न रहने के कुछ कारण।
अधूरे काम होने लगते हैं पूरे
अगर शनि किसी जातक की कुंडली में अच्छी स्थिति में हैं तो जातक हर क्षेत्र में प्रगति और सफलता के झंडे बुलंद करता है। शनि के प्रसन्न होने से कार्यो में आने वाली बाधाएं कम होती हैं और कष्ट मिटने लगते हैं। कार्य आसानी से पूरे होने लगते हैं।
शरीर और स्वास्थ्य में बदलाव
अगर शनि आपके ऊपर प्रसन्न हैं तो आप अपने बालों और नाखून को देखकर पता लगा सकते हैं। शनि का अच्छा प्रभाव होने पर बाल और नाखून मजबूत होने लगते हैं। हड्डियों में मजबूती आती है और सेहत अच्छी रहने लगती है।
अचानक धन लाभ
कुंडली में शनि की शुभ स्थित होने पर और शनि अगर आपके ऊपर प्रसन्न है तो आपको अचानक धन की प्राप्ति होने लगती है। जो लोग लोहे, तेल या फिर खदान संबंधी व्यापार में होते हैं उनको सबसे ज्यादा अचानक लाभ होता है।
नहीं होती घबराहट
जिन जातकों के जीवन में शनि शुभ स्थिति में होते हैं उनको किसी भी तरह की परिस्थितियों में अनावश्यक रूप से घबराहट नहीं होती है। ऐसे लोग खुलकर अपनी जीवन व्यतीत करते हैं।
हनुमान जी पूजा करने वाले लोगों पर शनिदेव प्रसन्न होते हैं
जो लोग हनुमान भक्त होते हैं और नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं शनिदेव उनके ऊपर प्रसन होते हैं।
अच्छे कर्म करने पर नहीं लगता शनिदोष
जो लोग हमेशा अच्छे कर्म करते हैं यानी किसी को परेशान नहीं करते, शराब नहीं पीते, किसी का धन गबन नहीं करते, शनिदेव उनपर हमेशा अपनी कृपा रखते हैं।