इस बार 14 साल बाद हरियाली अमावस्या और शनि अमावस्या का संयोग बन रहा है। इस शनि अमावस्या पर खग्रास सूर्यग्रहण भी पड़ रहा है जोकि साल 2018 का आखिरी सूर्य ग्रहण होगा। यह ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा। इस कारण से सूतक का असर भारत पर नहीं पड़ेगा। यह साल की आखिरी शनि अमावस्या होगी। अमावस्या सावन के महीने में पड़ने से भगवान शिव को बिल्वपत्र, भांग, शमी के पत्ते, दूध, दही और गंगाजल जैसी चीजें चढ़ाने से हर तरह की मनोकामना पूरी हो जाती है। इसके अलावा अगर किसी की कुंडली में शनि का अशुभ प्रभाव पड़ रहा है तो शनि अमावस्या पर शनिदेव की उपासना करने पर उनकी कृपा मिलती है।