राहू-केतु का गोचर 24 मार्च, 2019 को बदल रहा है। हालाँकि राहू मध्य की गणना के अनुसार 7 मार्च को ही राहू-केतु राशि परिवर्तन कर रहे हैं, लेकिन स्पष्ट राहू की गणना के हिसाब से 24 मार्च को ही राशि परिवर्तन हो रहा है, जो लगभग डेढ़ साल के लिए होता है। राहू-केतु छाया ग्रह हैं लेकिन वैदिक ज्योतिष में दोनों को प्रभावशाली ग्रह माना गया है। अन्य ग्रहों की तरह राहु और केतु का अपना कोई वास्तविक आकार नहीं है। यह एक रहस्यमय ग्रह है जो कई बार विस्मयकारी परिणाम देता है। आम धारणा है कि राहू-केतु अशुभ फल देते हैं, लेकिन सत्य ये है कि ये शुभ-अशुभ दोनों फल देने में समर्थ हैं। यह पूरी तरह से जातक की जन्मकुंडली में राहु की उच्च, नीच, केंद्र, त्रिकोण, दशा इत्यादि की स्थिति पर निर्भर करता है। कई बार यह मन और बुद्धि को भ्रमित कर देता है।
राहू कर्क से लौट कर मिथुन में आ रहे हैं और केतु मकर राशि से धनु में आ रहे हैं। मिथुन राहु ग्रह की उच्च राशि है जबकि धनु इस की नीच राशि है। कोई भी ग्रह अपनी उच्च राशि में मजबूत स्थिति में होता है, जब कि नीच राशि में वह कमज़ोर स्थिति में पाया जाता है। यदि कुंडली में राहु मजबूत स्थिति में है तो जातक को जीवन में मान-सम्मान और राजनीतिक सफलताएं प्रदान करता है। राहू में जहां शनि के गुण होते हैं तो केतु में मंगल के गुण।
केतु ग्रह भी 24मार्च 2019 से धनु राशि में प्रवेश करेगा। यह व्यक्ति के मन तथा बुद्धि को अपने स्वभाव के अनुसार परिवर्तित करने की शक्ति रखता है। केतु ग्रह ज्ञान, वैराग्य, मोक्ष, बीमारी तर्क, इत्यादि का कारक ग्रह है। वैसे यह ग्रह अशुभ के साथ-साथ शुभ फल भी प्रदान करता है। केतु यदि शुभ हो तो जातक में आध्यात्मिक गुणों का विकास होता है और यदि यह अशुभ हो तो स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होती है।
जानिए राहु-केतु गोचर का आप पर प्रभाव
https://www.amarujala.com/services/ask-question/jaanie-raahu-ketu-gochar-ka-aap-par-prabhaav
कालाष्टमी पर राहु–केतु गोचर शांति पूजा - 28 मार्च 2019, गुरूवार
https://www.amarujala.com/services/puja/kalashtami-par-raahu-ketu-gochar-shaanti-pooja
राशि
मेष
राहू आपकी राशि से तीसरे भाव से गोचर करेगा। तीसरा भाव पराक्रम के साथ-साथ सहजता का भाव होताहै। राहु के तीसरे भाव में आने से आपके अंदर एक नई ऊर्जा का संचरण होगा और आपकी इच्छा शक्ति मजबूत होगी। जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए आप मानसिक रूप से तैयार रहेंगे। समस्याओं से मुक्ति मिलेगी व खुशहाली रहेगी। कामकाज में साहस और हिम्मत मिलेगी। राहु के गोचर से भाग्य में बढ़ोत्तरी होगी। छोटी यात्राओं से लाभ होगा। आय के साधनों में वृद्धि होगी जिससे यथेष्ट आर्थिक लाभ भी होगा। नौकरीपेशा लोग सफल रहेंगे। कार्यक्षेत्र में अधीनस्थ कर्मियों द्वारा आपको पूरा सहयोग प्राप्त होगा। यदि आप जॉब में परिवर्तन करना चाहते हैं तो ये सही समय है, प्रयास तेज कर
दीजिये। आपकी बातचीत की कला आपको जीवन में आगे बढ़ाने में मदद करेगी। इस दौरान आपके दोस्तों से समय-समय पर आपको मदद भी मिल सकती है।
वहीं केतु का गोचर नौंवे भाव में होगा। यह भाव पिता, भाग्य, धर्म और विदेश यात्राओं का है। इस समय आप आये दिन अपने भाग्य को कोसना शुरू कर देंगे लेकिन आपको सलाह है कि भाग्य को कोसना बंद कर दे और अपने परिश्रम पर भरोसा तथा कृत परिश्रम के फल का धैर्य पूर्वक इन्तजार करें अवश्य ही सकारात्मक परिणाम मिलेगा। किसी भी कार्य के लिए आलस्य न करे अन्यथा सुनहरा अवसर खो सकते हैं।
राशि
वृषभ
राहू आपकी राशि से दूसरे भाव में गोचर करेगा। कुंडली में दूसरा भाव जीवन में धन की उपलब्धता को दर्शाता है। व्यापार में नुकसान की आशंका बनी रहेगी, चिंता से उलझन बढ़ेगी। किसी से पैसो का लेनदेन न करे वरना समस्या आ सकती है। यह मानसिक परेशानी का कारण बन सकता है। लाभ कमाने के लिए बिना सोचे समझे पैसा न लगाए अन्यथा हानि हो सकती है। यदि आपका कोई मित्र किसी नशीले पदार्थ का सेवन करता है तो उससे दूर ही नहीं अन्यथा आप भी मादक पदार्थ के सेवन का शिकार हो सकते है। बात-बात में गुस्सा ना करे नही तो बनते काम बिगड़ सकते है। इस गोचर के दौरान आपके ख़र्च में वृद्धि होगी, इसलिए विलासिता सम्बन्धी खर्चों से बचें। अपनी वाणी और व्यवहार पर नियंत्रण रखें, धैर्य रखें, अन्यथा किसी गलतफहमी के कारण घर का माहौल बिगड़ सकता है। दाम्पत्य जीवन में भी तनाव बढ़ने की सम्भावना है। अपने और परिजनों की सेहत को लेकर परेशानी बढ़ सकती है।
24 मार्च 2019 से ही केतु गोचर में वृषभ राशि वाले जातक के अष्टम भाव में भ्रमण कर रहा है। किसी भी जातक की जन्मकुंडली में अष्टम स्थान तंत्र, मंत्र, अन्वेषण, अवरोध, गहरी चिंतन तथामृत्यु का होता है।अतः केतु गोचर के फलस्वरूप आध्यात्मिकता और जादू-टोने जैसी विद्या के प्रति आपका झुकाव बढ़ेगा साथ कथित विद्या को जानने के लिए आप अपना प्रयास तेज कर सकते है।
मिथुन
मिथुन
24 मार्च 2019 से राहु का प्रवेश आपकी राशि मिथुन में हुआ है जिसके कारण व्यक्तिगत जीवन में कठिन परिस्थितियों का भरपूर सामना करना पड़ेगा। इस समय आपके स्वभाव और व्यवहार में परिवर्तन आएगा आपमें गुस्सा तथा चिड़चिड़ापन बढ़ेगा। इस अवधि में आपको संभलकर चलना होगा।आप जल्दबाज़ी में निर्णय लेंगे और कई बार ये निर्णय आपके लिए उचित नहीं होंगे। मित्रों के साथ किसी बात को लेकर मनमुटाव हो सकता है। राहु के प्रभाव के कारण आप दूसरों पर हुकुम चलाने की कोशिश भी करेंगे, जो आपकी छवि को नकारात्मक बना सकता है। यदि आप भागीदारी में कोई कार्य कर रहे है तो पैसो को लेकर मनमुटाव हो सकता है। इस मनमुटाव को अपने बुद्धि बल से जल्द ही समाधान कर लेने में भलाई है अन्यथा पार्टनरशिप टूट भी सकता है। ऐसे में आपको बेहद सोच समझकर निर्णय लेने होंगे। सेहत की दृष्टिकोण से आप थोड़े सजग रहें क्योंकि इस दौरान आपकी सेहत कमज़ोर रह सकती है। कोई पुरानी बीमारी पुनः जन्म ले सकती है।
वहीं केतु आपकी राशि से सातवें भाव में गोचर कर रहा है, जिसका प्रतिकूल असर आपके वैवाहिक जीवन पर पड़ सकता है।वैवाहिक जीवन में कठिनायां उत्पन्न हो सकती हैं। जीवनसाथी से मनमुटाव, मतभेद या विवाद हो सकता है। संपत्ति से संबंधित विवाद उत्पन्न हो सकते हैं या पैतृक संपत्ति को लेकर भी विवाद हो सकता है।
राशि
कर्क
राहू आपकी राशि से बारहवें भाव से संचार करेगा।कुंडली में यह भाव व्यय का होता है इसलिए राहु के इस भाव में होने से आपके ख़र्चों में बेतहाशा वृद्धि होगी। यह भाव हानि, खर्च, बंधन, विदेश-परदेश यात्रा, जुर्म, कानून, अस्पताल, भोग विलास, शय्या सुख इत्यादि को दर्शाता है अतः राहु के गोचर से आपका अनियोजित खर्च बढ़ जाएगा। दिखावे के लिए खर्च करने में आपको गर्व महसूस होगा।यदि व्यापारी हैं तो तुरंत किसी पर भरोसा न करें। वसूली के लिए हमेशा प्रयत्नशील रहें।
ग़ैरक़ानूनी कार्यों से दूर रहें अन्यथा आपको जेल की हवा खानी पड़ सकती है। कार्यक्षेत्र में आपको चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। अधिकारी वर्ग से आपका मनमुटाव हो सकता है। आपके ऊपर भ्रष्टाचार या गबन के आरोप लग सकते हैं, नौकरी भी जा सकती है। कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं। विदेश यात्रा की सम्भावना भी बन सकती है। गृह क्लेश की संभावना दिखाई दे रही है। परिजनोंके बीच आपसी झगड़े या मतभेद हो सकते हैं। कोई भी नया कार्य शुरू करने से पहले अच्छी तरह से तहकीकात कर ले अन्यथा नुकसान हो सकता है।
केतु का गोचर आपकी राशि के छठे भाव में हो रहा है। ऐसे में यह आपके लिए कई तरह की समस्याएं उत्पन्न कर सकता है। इस अवधि में आपके कार्यों में रुकावटेंआएंगी और सफलता के लिए काफी संघर्ष करना पड़ सकता है।
राशि
सिंह
आपकी राशि से ग्यारहवें भाव में राहु का गोचर आपके लिए शुभ फलदायक होगा और इसके सुखद परिणाम देखने को मिलेंगे। कुंडली में यह भाव आमदनी और लाभ का भाव होता है। रोजी-रोजगार में आगे बढ़ने के सुनहरे अवसर प्राप्त होंगे तथा कोई उपलब्धि भी हासिल हो सकती है। कार्य में सफलता मिलेगी और विभिन्न क्षेत्रों से आपको लाभ प्राप्त होने की संभावना है। पदोन्नति के मौके मिलेंगे। आय के एक से अधिक मौके मिल सकते हैं।
सच पूछा जाय तो इस गोचर में ऐसे कई अवसर आएंगे जो आपके करियर को गति देंगे और आपको आर्थिक लाभ होगा। यह लाभ अप्रत्याशित रूप में भी देखने को मिल सकता है। यदि आप किसी बिज़नेस से जुड़े है तो व्यवसाय में विस्तार तथा लाभांश बढ़ जाएगा। यदि जन्मकुंडली में दशा किसी शुभ ग्रह या शुभ भावेश का चल रहा है तो यह सोने में सुगंध का काम करेगा और यह सफलता जीवन भर आपके लिए यादगार रहेगी।आय के नए साधन दरवाजे खटखटाएगी और करियर में कई सुनहरे अवसर मिलने के चांस है।
केतु का आपकी राशि से पांचवें यानी बुद्धि, विद्या एवं संतान के भाव में जाना आपके लिए शुभ संकेत नहीं है। नुकसान से बचने के लिए सावधान रहना हितकारी होगा। किसी पर भी जरूरत से ज्यादा भरोसा न करें। विद्यार्थियों के लिए यह समय थोड़ा प्रतिकूल रहेगा।पढ़ाई में उनका मन नहीं लगेगा।
राशि
कन्या
राहू कन्या राशि से दसवें भाव से गोचर करेगा। कुंडली में यह भाव कर्म एवं पद-प्रतिष्ठा का भाव होता है। इस भाव में राहु का स्थित होनाआपके लिए चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां पैदा करेगा। अपने कैरियर के प्रति सावधान होने की जरुरत है।अपने कार्य के प्रति लापरवाही न बरतें बल्कि पूर्ण समर्पण का भाव रखते हुए कार्य करे अन्यथा इसका खामियाजा आपको भुगतना होगा। इस साल काम में व्यस्तता के कारण पारिवारिक जीवन में तनाव हो सकता है। इसलिए कामकाज और पारिवारिक जीवन में अवश्य ही संतुलन बनाए रखने प्रयास करें।
अपने परिवार की जिम्मेदारी को महसूस करना बहुत जरुरी है यानि काम-काज और परिवार के बीच संतुलन बनाये रखना ही आपकी चतुराई है। भविष्य की बड़ी-बड़ी योजना न बनाकर, वर्तमान की योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। राहु के इस स्थान पर गोचर होने से कार्य के प्रति स्थिरता का अभाव रहेगा जो आपकी उन्नति में बाधक होगा। इस समय आप अनेक प्रकार के कार्य करने के लिए तैयार रहेंगे परन्तु कोई भी कार्य पूर्ण होने में सन्देह रहेगा।
केतु का आपकी राशि से चौथे भाव में गोचर आपके लिए अनुकूल नहीं है। इससे आपके पारिवारिक जीवन पर बुरा असर पड़ेगा। घर में अशांति का वातावरण हो सकता है। माँ के स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरुरत है। गृह क्लेश भी हो सकता है। कार्यक्षेत्र की बात करें, तो इस अवधि में कार्य दबाव के कारण आप व्यस्त रहेंगे।
राशि
तुला
आपकी राशि से नौवें भाव में राहु कागोचर आपके अनुकूल नहीं है। कुंडली में नौवें भाव से भाग्य, पिता, गुरु और धर्म को देखा जाता है।इस दौरान आपके भाग्य का सितारा नहीं चमकेगा और आपको आशानुरूप परिणाम नहीं मिल पाएंगे। धन की लेनदेन में बड़ी सावधानी बरतें अन्यथा आपको धन की हानि हो सकती है। यदि परिवार में किसी की शादी है तो उसमें देरी हो सकती है। आपको बिज़नेस और जॉब में भी ख़ास परिणाम नहीं मिलेंगे।
आपके अंदर राजसिक तथा तामसिक दोनों तत्वों का संचार बढ़ जाएगा जिसके परिणामस्वरूप आपके अंदर क्रोध तथा उग्रता बढ़ जाएगी। अतः कुछ भी करने से पहले ठंढे दिमाग से सोचें तब कोई फैसला ले तो ठीक रहेगा। अचानक लिए गए फैसले से नुकसान होने की प्रबल सम्भावना है। बिना सोचे कोई भी काम करने से आपकी परेशानी में बढ़ोत्तरी होगी। आपके पिता को कोई न कोई शारीरिक परेशानी का सामना करना पर सकता है।
केतु आपकी राशि से तीसरे भाव में गोचर करेगा, जो आपके लिए शुभ साबित होगा। इस अवधि में आपको विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर परिणाम मिलेंगे। इतना ही नहीं कार्यक्षेत्र में पदोन्नति के योग हैं साथ ही बेहतर अवसर मिलने से आप जॉब में परिवर्तन भी कर सकते हैं।
राशि
वृश्चिक
राशि के जातकों के लिए राहु गोचर 2019 अच्छे संकेत नहीं दे रहा है। राहु का गोचर आपकी राशि से आठवें भाव में होगा। कुंडली के आठवें भाव से आयु, समस्या एवं दुर्घटना आदि को देखा जाता है। गोचर के दौरान आपको मुसीबतों का सामना करना पड़ सकता है। आप सर्वप्रथम सकारात्मक विचार को विकसित करे। यहीं उपाय आपके जीवन यात्रा को लय प्रदान करने में सहायक होगा वरना आपको सालभर मुसीबतों से बाहर निकलना मुश्किल होगा और कोई गलत कदम उठाने पर मजबूर हो जाएंगे। इस समय शनि की साढ़ेसाती भी चल रही है।
आपका झुकाव रहस्यपूर्ण गतिविधियों की ओर बढ़ेगा। राहु आपको आध्यात्मिक और तंत्र-मंत्र, जादू टोना जैसी विद्या केप्रति लगाव उत्पन्न करा सकता है। आप किसी गंभीर बीमारी या दुर्घटना के शिकार हो सकते हैं। शोध छात्रों का शोध और खोज करना जिनके कार्य का अंग है, ऐसे जातकों को वांछित सफलता मिल सकती है। इस समय आपके अंदर कुछ नया करने का जूनून सवार रहेगा।
केतुका आपकी राशि से दूसरे भाव में गोचर आपके लिए अशुभ संकेत है। आर्थिक क्षेत्र पर केतु की नजर के कारण धन की हानि हो सकती है। खर्चों में बढ़ोतरी के कारण बचत कर पाना मुश्किल होगा। इतना ही नहीं आपकी अप्रिय वाणी के कारण किसी से झगड़ा या वाद-विवाद हो सकता है। किसी गलतफहमी के कारण घर का माहौल भी खराब हो सकता है।
राशि
धनु
राहू आपकी राशि से सातवें भाव से गोचर कर रहा है। सातवां भाव वैवाहिक जीवन, भागीदारी आदि की विवेचना करता है। वैवाहिक जीवन में जीवन-साथी के साथ रिश्तों में खटास आने की संभावना है। इस परिस्थिति से बचने के लिए जीवन-साथी पर किसी भी तरह का दबाव न बनाएं और उनकी भावनाओं को समझने का प्रयास करें और उसे अहमियत दें। जीवनसाथी पर शक न करें बल्कि उन पर विश्वास करें और उनके स्वास्थ्य के प्रति भी आपको सचेत रहना होगा।
यदि आप अविवाहित है और विवाह की बात चल रही है तो पूरी छानबीन के बाद ही कोई फैसला लें क्योंकि आपके साथ धोखा भी सकता है। पारिवारिक जीवन में धन अथवा पैतृक संपत्ति को लेकर विवाद सामने आ सकता है। यदि आप व्यवसायी है तो निश्चित ही आपके कार्यो को गति मिलेगी। कार्य का विस्तार भी होगा।यदि व्यापार में पार्टनरशिप चल रही है तो मनमुटाव हो सकता है। धैर्य और विचारो की स्पष्टता के बल पर व्यावसायिक सम्बन्ध बनाये रखने की पूरी कोशिश करें।
केतु आपकी राशि के राशिभाव में स्थित होगा। इस अवधि में आपको इसके मिले-जुले परिणाम देखने को मिलेंगे। इस अवधि में कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या उत्पन्न हो सकती है, कोई पुरानी बीमारी दोबारा परेशान कर सकती है। इस दौरान आध्यात्म के प्रति भी आपकी रुचि बढ़ेगी। इस अवधि में आपका वैवाहिक जीवन प्रभावित हो सकता है।
राशि
मकर
आपकी राशि से छठे भाव में राहु का गोचरआपके लिए अच्छा रहेगा।कुंडली में छठा भाव रोग, ऋण, शत्रु,भय और क्षति का होता है। राहु के इस भाव में होना आपके लिए अच्छा है। इस दौरान आपको शुभ परिणामों की प्राप्ति होगी। करियर में सफ़लता मिलेगी। यदि आप सरकारी कर्मचारी हैं तो आपकी पदोन्नति हो सकती है। यदि प्राइवेट में नौकरी कर रहे है तो वेतन-बृद्धि हो सकती है अतः पूरी ईमानदारी के साथ अपना कार्य करना प्रारम्भ कर दें ताकि कोई अड़चन न आये। अपने उच्चाधिकारियों से मधुर बनाये रखें।
यदि कोई कोर्ट में केस-मुक़दमा चल रहा है तो आपके पक्ष में फैसला आ सकता है। यदि आपने बैंक में लोन के लिए आवेदन किया है तो आपका लोन पास हो जाएगा। यदि आप राजनीति क्षेत्र में हैं तो आपको अच्छे परिणाम मिलेंगे। राहु के गोचर से अनियोजित खर्च में वृद्धि हो सकती है। स्वास्थ्य को लेकर खर्च हो सकता है। पत्नी का स्वास्थ्य भी प्रभावित हो सकता है। संक्रमण से सम्बन्धित बीमारी से बचने की कोशिश करें।
केतु आपकी राशि से बारहवें भाव में गोचर करेगा, जो आपके लिए कष्टदायक हो सकता है।चूंकि 12 वां भाव खर्च का भाव होता है, ऐसे में खर्च बढ़ेंगे और आपको आर्थिक हानि भी हो सकती है। हालांकि आप विदेश यात्रा पर भी जा सकते हैं। स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत है।
राशि
कुंभ
आपकी राशि से पांचवे भाव में राहु कागोचर ज्यादा अनुकूल नहीं है। किसी भी जातक की जन्मकुंडली में पंचम स्थान संतान, प्रेम, विद्यार्जन,ज्ञान, मन, बुद्धि, स्मरण शक्ति, मन्त्र, देवता, शेयर बाजार, खेल जगत, पितृ, पूर्वजन्म, पेट, लीवर इत्यादि विषय को प्रभावित करता है। जातक अपने बुद्धि कौशल से धन लाभ और भाग्य का निर्माण करेगा। इस समय जातक को धनलाभ तथा भाग्य निर्माण में बुद्धि तथा संतान की विशेष भूमिका होगी ये दोनों साधन साध्य सिद्धि में निश्चित ही मददगार होगा। वैसे चुनौतियाँ भी कम नहीं होंगी।
नौकरीपेशा लोगों को कार्य-स्थल पर किसी भी प्रकार के विवाद से बचना चाहिए। यदि आप कोई व्यवसाय कर रहे है और उसमे परिवर्तन करना चाह रहे है तो अचानक कोई निर्णय न ले क्योंकि अचानक निर्णय क्षति पहुँचाने वाला होगा। अनैतिक और गैरकानूनी कार्यों से बचें। जीवनसाथी से मधुर संबंध बनाए रखें और बेवजह की बहसबाज़ी से दूर रहें। गोचर के दौरान आपके ऊपर पारिवारिक जिम्मेदारियाँ बढ़ सकती हैं। घर वालों की उम्मीदों को पूरा करने का प्रयास करें।
केतु का स्थान परिवर्तन आपके लिए लाभकारी साबित होगा। चूंकि केतु आपकी राशि से 11वें भाव से गोचर करेगा, आपको कई तरह के लाभ होंगे, जो खुशियों का अनुभव कराएगा। यही नहीं आपको करियर में भी सफलता मिलेगी। कार्यक्षेत्र में उच्च पदस्थ लोगों से सावधान रहें और केवल अपने कार्य से ही सरोकार रखना बेहतर होगा।
राशि
मीन
राहु का आपकी राशि से चौथे भाव में गोचर आपके लिए कष्टदायक हो सकता है। कुंडली में चौथा भाव माता, सुख, वृद्धि और बंधु के संबंध को बताता है। आपके अंदर नए काल्पनिक योजना का दौर शुरू होगा। आप नई योजनाओं को कार्यरूप देने का प्रयास करेंगे। आपमें नए और सृजनात्मक विचार उत्पन्न होंगे। आप अपने कार्यों में कोई न कोई नया प्रयोग कर सकते है जिसका लाभ आपको मिलेगा। राहु के गोचर से आपके कार्य का बोझ तो बढ़ेगा परन्तु कार्य का विस्तार भी होगा। अनेक चुनौतियों और परेशानियों के कारण आपको मानसिक तनाव भी रह सकता है।
किसी चीज़ पर ध्यान लगाने में भी आपको कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। आमदनी की अपेक्षा ख़र्चा अधिक रहेगा। धन का उपयोग सोच-समझकर करें। घर का माहौल खराब हो सकता है। पारिवारिक सदस्यों के मतभेद बढ़ सकता है। सभी लोग एक दूसरे को नीचा दिखाने की कोशिश करेंगे जिसके कारण आपसी मनमुटाव हो सकता है। छात्रों को पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने में परेशानी होगी।
मीन राशि वाले जातक के जन्मकुंडली में केतु दसवें अर्थात कर्म भाव में गोचर कर रहा है। यह भाव आपके कार्य-व्यवसाय से जुड़ा है। अतः इस गोचर के प्रभाव से व्यावसायिक गतिविधियों में उतार- चढ़ाव संभव है। यदि नौकरी कर रहे हैं तो कार्य के प्रति उदासीनता रहेगा जोकि भविष्य के लिए ठीक नही है।