ज्योतिष में ग्रहों के राशि परिवर्तन का विशेष महत्व होता है। सभी 9 ग्रह एक निश्चित अंतराल में एक राशि को छोड़कर दूसरी राशि में गोचर होते हैं जिसके कारण सभी राशियों पर इसका सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। मार्च महीने के पहले 15 दिनों में सूर्य और बुध की चाल में बदलाव हुआ था। मार्च के बाकी बचे 15 दिनों में गुरु, शुक्र और मंगल भी अपनी राशि बदलेंगे। इन तीन बड़े ग्रहों के राशि बदलने से सभी राशियों पर व्यापक प्रभाव पड़ेगा।
15 से 31 मार्च तक कौन सा ग्रह बदलेगा अपनी राशि
सूर्य
सभी ग्रहों में सूर्य प्रमुख ग्रह है। सूर्य ग्रह व्यक्ति के मान-सम्मान और नौकरी का प्रतिनिधित्व करता है। सूर्य लगभग 1 महीने के अंतराल में एक राशि से दूसरी में स्थान परिवर्तन करता है। 14 मार्च से सूर्य मीन राशि में प्रवेश कर चुका है। सूर्य जब भी मीन राशि में जाता है तो इसके साथ ही खरमास शुरू हो जाता है। खरमास में किसी भी तरह का शुभ कार्य नहीं किया जाता है।
चंद्रमा
ज्योतिष में चंद्रमा को मन का कारक कहा गया है। वैदिक ज्योतिष गणना में चंद्रमा को स्थान बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है। चंद्रमा हर ढाई दिन में राशि बदलता है।
मंगल
मंगल का राशि परिवर्तन जातकों के जीवन में बहुत गहरा प्रभाव छोड़ता है। मंगल इस समय धनु राशि में स्थित है जहां से यह 22 मार्च 2020 को मकर राशि में प्रवेश कर जाएगा।
बुध
बुध ग्रह का राशि परिवर्तन इस महीने नहीं होगा।
गुरु
गुरु राशि परिवर्तन भी इसी माह 29 मार्च को होगा। गुरु धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेगा।
शुक्र
सुख, ऐश्वर्य और संपन्नता का प्रतीक ग्रह शुक्र 28 मार्च को मेष राशि को छोड़कर वृष राशि में प्रवेश करेगा।
शनि
शनि की राशि में कोई परिवर्तन नहीं होगा। शनि ढाई साल तक मकर राशि में रहेगा।
राहु-केतु
राहु और केतु का भी कोई राशि परिवर्तन नहीं होगा। राहु मिथुन राशि में जबकि केतु धनु राशि में रहेगा।
राशि पर प्रभाव
शुभ प्रभाव- वृषभ, कर्क, सिंह, धनु और मीन
अशुभ प्रभाव- मेष, मिथुन और तुला
मिलाजुला प्रभाव- कन्या , वृश्चिक, मकर और कुंभ