बुध 24 मई की मध्य रात्रि 11 बजकर 56 मिनट पर वृषभ राशि की यात्रा समाप्त करके अपनी स्वयं की राशि मिथुन में प्रवेश कर रहे हैं। इस राशि पर बुध 1 अगस्त की मध्यरात्रि बाद 03 बजकर 30 मिनट तक विराजमान रहेंगे, उसके बाद अपने पिता की राशि कर्क में प्रवेश कर जाएंगे। मिथुन राशि पर राहु पहले से ही विराजमान हैं अतः बुध के आ जाने से राहु के दोषों में कमी आएगी क्योंकि राहु और बुध जब एक साथ होते हैं तो राहु का दोष समाप्त हो जाता है अतः भारत में चल रही प्राकृतिक आपदाओं में भी कमी दिखाई देगी। मिथुन और कन्या राशि के स्वामी बुध मीन राशि में नीचराशिगत माने गए हैं। इनके राशि परिवर्तन का प्रभाव युवाओं, विद्यार्थियों, प्रतियोगी छात्रों, व्यापारियों, बैंकिंग तथा बीमा के सेक्टर्स, व्यापार जगत और शिक्षण के क्षेत्र में सीधा प्रभाव पड़ता है।आपकी राशि पर राहु और बुध की युति का प्रभाव कैसा रहेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।