इस बार गुरु पूर्णिमा के दिन सदी का सबसे लंबा चन्द्र ग्रहण पड़ने जा रहा है। ग्रहण 27 जुलाई की रात 11 बजकर 54 मिनट से शुरू हो जाएगा जो 28 जुलाई की सुबह 3 बजकर 5 मिनट पर खत्म होगा। चंद्र ग्रहण पर सूतक का समय दोपहर 2 बजे से शुरू हो जाएगा। सूतक का हिन्दू धर्म में विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार सूर्य और चंद्र ग्रहण दिखाई देने पर ही सूतक मान्य होता है| सूर्य ग्रहण में सूतक का प्रभाव 12 घंटे पहले और चंद्र ग्रहण में सूतक का प्रभाव 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है | सूतक लगने पर नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है इसलिए कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता।
ग्रहण पर क्या न करें-
- ग्रहण के दौरान भगवान की मूर्ति को स्पर्श नहीं करना चाहिए।
- सूतक में सिलाई कढ़ाई का कोई भी कार्य न करें।
- सूतक में ना ही भोजन करें।
- चंद्र ग्रहण के दौरान शौचालय नहीं जाना चाहिए।
ग्रहण पर क्या करें-
- ग्रहण पर मंत्रों का जप करें और अगर कुंडली में चंद्रमा कमजोर है तो ऊं चन्द्राय नम: का जप करें।
- ग्रहण के दौरान तुलसी पत्ता नहीं तोडना चाहिए इसलिए सूतक से पहले ही तोड़ लें और दूध और दही में भी तुलसी पत्ता डाल दे |
- अगर आप किसी तीर्थयात्रा पर है तो वहां स्नान कर जप और दान करें |
-ग्रहण के बाद हवन करें और पूरे घर को गंगाजल से छिड़काव करें इससे आपको लाभ और रोग से छुटकारा मिलेगा |