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आस्था ही नहीं ग्रहों से भी जुड़ें हैं व्रत, करते ही चमक जाएगी किस्मत

Tue, 04 Dec 2018 01:34 PM IST
-डॉ. विनय बजरंगी, ज्योतिषाचार्य व कर्म संशोधक
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grahon se jude vrat
पृथ्वी पर जन्म लेते ही व्यक्ति ग्रहों से जुड़ जाता है। किसी भी व्यक्ति के प्रारब्ध को निरुपित करने वाले सौर मंडल के नौ ग्रह हैं। जिनका शुभ-अशुभ प्रभाव उस पर पड़ता है। ग्रहों की शुभता पाने और उनसे जुड़े दोष को दूर करने के लिए व्रत एवं जाप का प्रभाव पड़ता है। आइए जानते हैं कि 9 ग्रहों से जुड़े किन व्रत एवं जप को करके चमत्कारिक लाभ पाया जा सकता है —
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surya puja
सूर्य देवता का व्रत –
भगवान भास्कर की शुभ ऊर्जा को पाने के लिए १२ रविवार, ३० रविवार, या एक वर्ष तक व्रत रखा जा सकता है। व्रत के दिन स्नान—ध्यान के प्रश्चात तांबे की लोटे में शुद्ध जल, लाल रोली या चंदन, अक्षत, लाल पुष्प आदि डालकर ‘ॐ घृणि सूर्याय नमः’ मंत्र बोलते हुए अघ्र्य दें। साथ ही इस मंत्र का कम से कम ३ माला जप अवश्य करें। इस व्रत के प्रभाव से शुभ फल में वृद्धि, आरोग्य, शत्रु शमन तथा तेज प्राप्त होता है।
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Blood Moon Eclipse
चंद्र देवता का व्रत –
मनुष्य के मन के अधिपति चंद्र देवता की कृपा पाने के लिए कम से कम १, १६ या ५४ सोमवार व्रत रहना चाहिए। इस दिन स्नान—ध्यान के पश्चात् ‘ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्राय नमः’ का न्यूनतम ३, ५ या ११ माला पाठ सफेद वस्त्र पहन कर करें। भोजन में नमक का प्रयोग न करें।

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मेष राशि - फोटो : mars
मंगल देवता व्रत –
साहस और आत्मविश्वास के कारक मंगल देवता की कृपा पाने के लिए मंगलवार का व्रत नियम संयमपूर्वक रहना चाहिए। यह व्रत न्यूनतम २१ या ४५ मंगलवार रहना चाहिए तथा नियमपूर्वक ‘ॐ अं अंगारकाय नमः’ का ३, ५ या ७ माला जाप करना चाहिए। इस व्रत में भी नमक का प्रयोग न करें। मंगल देव के इस व्रत से कर्ज से मुक्ति और संतान का सुख प्राप्त होता है।
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डेमो - फोटो : डेमो
बुध देव का व्रत –
विद्या, धन और समृद्धि पाने के लिए १७, २१ या ४५ बुधवार व्रत रखना चाहिए। व्रत के दिन हरे कपड़े पहनें और ‘ॐ बुं बुधाय नमः’ मंत्र का पाठ ३, ५ या १७ माला करना चाहिए। भोजन में मूंग से बनी वस्तुओं का प्रयोग करना चाहिए। बातचीत या विद्या से कार्य करने वालों के लिए यह व्रत अत्यंत लाभकारी होता है।
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गुरू ग्रह
बृहस्पति देवता का व्रत –
विद्या, सुख, संतान और सौभाग्य आदि के लिए बृहस्पति देवता का व्रत कम से कम 16 सप्ताह, एक साल या 3 साल तक रखना चाहिए। इस व्रत वाले दिन पीले रंग के कपड़े पहनें। साथ ही बृहस्पतिवार की कथा का पाठ करने के साथ ही केले का पूजन करें। पूजन में ‘ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरुवे नमः’ का 3, 5, या 16 माला जप अवश्य करें।
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venus planet
शुक्र देवता का व्रत –
सुख, समृद्धि, सौभाग्य और वैवाहिक सुख के लिए इस व्रत को किया जाता है। इसे 16, 21 या 31 शुक्रवार रखना चाहिए। इस दिन सफेद कपड़े धारण कर ‘ॐ शुं शुक्राय नमः’ का 5, 11, या 21 माला जप करना चाहिए। इस वैभव लक्ष्मी का व्रत भी सुख—समृद्धि के लिए किया जाता है।

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shani
शनिदेव का व्रत –
शनिदेव की कृपा और उनसे जुड़े दोष को दूर करने के लिए 15 या 51 शनिवार तक व्रत रखना चाहिए। शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या के दौरान यह व्रत काफी राहत प्रदान करता है। शनिवार के दिन स्नान—ध्यान के पश्चात् काले कपड़े पहनकर ‘ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनिश्चराय नमः’ मंत्र का 5ख् 11, या 15 माला जप करना चाहिए।
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rahu ketu
राहु और केतु ग्रह का व्रत –
राहु तथा केतु से जुड़े दोषों को दूर करने के लिए और उनके शुभ प्रभाव से तमाम दोषों को दूर करने के लिए कम से कम १८ शनिवार तक इनके नाम का व्रत करना चाहिए। व्रत के दिन काले कपड़े धारण करके ‘ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः’ या ‘ॐ कें केतवे नमः’ का 5, 11 या 18 माला जाप करना चाहिए।
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