Guru Uday 2025: विवाह, संतान, धर्म, ज्ञान और धन के कारक ग्रह देवगुरु बृहस्पति 09 जुलाई को रात 10 बजकर 50 मिनट पर मिथुन राशि में उदय होंगे। गुरु के उदय होने से इसका प्रभाव देश-दुनिया के साथ-साथ सभी 12 राशियों के जातकों के जीवन पर देखने को मिलेगा। ज्योतिष में गुरु को बहुत ही शुभ ग्रह का दर्जा मिला हुआ है। शास्त्रों में गुरु का अस्त और उदय होना बहुत ही खास महत्व होता है। देवगुरु बृहस्पति का गोचर लगभग 12 महीनों में एक बार होता है और गुरु का साल में एक बार ही अस्त होते हैं। अस्त होने का मतलब किसी ग्रह का सूर्य के एक खास कोण में आने से हैं। सूर्य के नजदीक आने पर दूसरा ग्रह सूर्य के तेज के आगे प्रभावहीन हो जाता है जिससे उसकी ऊर्जा में कमी आ जाती है। जब ग्रह सूर्य से दूर होते है तो वह उदय माने जाते हैं। आइए जानते हैं गुरु के उदय होने से मेष राशि पर कैसा प्रभाव पड़ेगा।
गुरु के उदय होने से मेष राशि पर प्रभाव
मेष राशि के जातकों के लिए देवगुरु बृहस्पति आपकी कुंडली के नवम और द्वादश भाव के स्वामी होते हैं और 9 जुलाई को जब ये उदय होंगे तो यह आपके तीसरे भाव में होंगे। वैसे तो देवगुरु बृहस्पति का तीसरे भाव में गोचर अच्छा नहीं माना जाता है। लेकिन भाग्य भाव के स्वामी का उदय होना आपके लिए शुभ साबित होगा। मेष राशि वालों को भाग्य का साथ मिलने से आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। जीवन में सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा। वहीं मेष राशि के जातकों के लिए देवगुरु बृहस्पति द्वादश भाव के भी स्वामी होते हैं ऐसे में गुरु के उदय होने से आपके खर्चो में वृद्धि और यात्राओं का दौर शुरू हो सकता है। विदेश से जुड़े कामों में आपको सफललता मिल सकती है। परिवार के सदस्यों संग मेल-मिलाप और प्यार ज्यादा रहेगा।