कर्क राशि में गुरु और गुरु पुष्य योग लाभकारी
वैदिक ज्योतिष शास्त्र की गणना के अनुसार, इस बार गुरु पुष्य योग पर विशेष तरह के संबंध देखने को मिल रहा है। 18 जून, गुरुवार के दिन गुरु पुष्य योग का निर्माण हो रहा है। इसके साथ ही 18 जून को रात 09 बजकर 32 मिनट पर गुरु शनि के नक्षत्र पुष्य में प्रवेश कर रहे है। पुष्य नक्षत्र के देवता देवगुरू बृहस्पति होते हैं। इसके अलावा मीन राशि के स्वामी बृहस्पति का चंद्रमा की राशि कर्क में होना और यहां पर गुरु उच्च के होते हैं। इससे कई तरह के शुभ योग का प्रभाव रहता है।
18 जून को दुर्लभ योग
18 जून को एक साथ कई तरह के दुर्लभ योगों का निर्माण होगा। जिसमें बुधादित्य योग, गजकेसरी योग, हंस योग, लक्ष्मी योग और रुचक जैसे शुभ योगों का निर्माण भी होगा। इसके साथ गुरु अपनी उच्च राशि राशि में होंगे और चंद्रमा भी अपनी स्वराशि में स्थित होंगे। ज्योतिष में इस तरह के योग को बहुत ही शुभ योग माना जाता है। इस योग के प्रभाव से व्यक्ति के जीवन में उन्नति, सफलता और बेहतर अवसरों की प्राप्ति होती है।
गुरु पुष्य योग में करें ये शुभ कार्य
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गुरु पुष्य योग में कई तरह के शुभ कार्यों की शुरुआत करना अच्छा माना जाता है। इस दिन सोना-चांदी के आभूषण, संपत्ति और बड़े निवेश करना बहुत ही अनुकूल माना जाता है।
गुरु-पुष्य योग का राशियों पर प्रभाव
18 जून को बना गुरु-पुष्य योग कुछ राशि वालों पर विशेष प्रभाव पड़ेगा। इन राशियों को अचानक लाभ और अधूरे काम पूरे होंगे। ये राशियां होंगी-
मेष, वृषभ, कर्क, कन्या, धनु, मकर और मीन। इनके जीवन में उन्नति के अवसर आएंगे।
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