ये लोग झेलते हैं शनिदेव का प्रकोप
यदि शनि छठे, आठवें और बारहवें भाव के स्वामी ग्रहों के साथ हैं, तो आप पर उसका बुरा प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा यदि शनि राहु, केतु और सूर्य, चंद्रमा के साथ बैठें है, तब भी इसका बुरा परिणाम मिलता है।
शनि दोष के लक्षण
शनि का दोष होने पर व्यक्ति हमेशा समस्याओं से घिरा रहता है। साथ ही पैसों की तंगी बनी रहती है और वह बीमारी से ग्रसित होने लगता है। इस दौरान जातक की पैतृक संपत्ति में भी समस्याएं आने लगती है। वहीं घर में अधिक सीलन आना भी शनि दोष का कारक माना जाता है। साथ ही मानसिक तनाव भी बना रहता है।
ऐसे करें शनिदेव को शांत
- कुछ उपायों की सहायता से शनिदेव को शांत किया जा सकता है। इस दौरान आप हर शनिवार को लोहे के कटोरे में साबुत उड़द, काले चने और सरसों का तेल डाल दें। इसके बाद एक काले कपड़े में इसे लपेटकर माथे से लगाकर रखें। इसके बाद इसका दान करें। ऐसा करने से शनि दोष कम हो सकता है।
- शनिवार का दिन शनिदेव को समर्पित है। इसलिए इस दिन उपवास रखें। साथ ही गरीब लोगों की मदद करें। इससे आपके संकट दूर हो सकते हैं।
- शनिदेव की साढ़ेसाती का प्रभाव कम करने लिए शनिदेव के मंत्रों का जाप करें। इसके अलावा शनि चालीसा का पाठ भी करें।
- मान्यता है कि शनिवार के दिन हनुमान जी की पूजा करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं। इससे कुंडली से शनि दोष खत्म होता है।
- शनिवार के दिन सूर्योदय से पूर्व पीपल के पेड़ की पूजा करें। उन्हें जल अर्पित करते हुए दीपक जलाएं। ऐसा करने से शनि देव की कृपा हमेशा मिलती है।
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