diwali 2025 pushya nakshtra significance: वैदिक पंचाग के अनुसार बुधवार 14 अक्तूबर 2025 को सुबह 11 बजकर 54 मिनट से पुष्य नक्षत्र शुरू होगा जिसका समापन 15 अक्तूबर बुधवार प्रात: काल 12 बजे होगा। ज्योतिष शास्त्र में 27 नक्षत्रों के बारे में बताया गया है, जिसमें से एक पुष्य नक्षत्र भी है।
Diwali 2025 Pushya Nakshtra Significance: हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य को करने और शुभ खरीदारी के लिए शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व होता है। 14 और 15 अक्तूबर को पुष्य नक्षत्र का संयोग बन रहा है, फिर इससे बाद 20 अक्तूबर को दीपावली का त्योहार है। पुष्य नक्षत्र को सभी 27 नक्षत्रों में राजा का दर्जा मिला हुआ है। आपको बता दें कि इस बार दिवाली से पहले 14 और 15 अक्तूबर को मंगल पुष्य योग और बुध पुष्य योग बनेगा।
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वैदिक पंचाग के अनुसार बुधवार 14 अक्तूबर 2025 को सुबह 11 बजकर 54 मिनट से पुष्य नक्षत्र शुरू होगा जिसका समापन 15 अक्तूबर बुधवार प्रात: काल 12 बजे होगा। ज्योतिष शास्त्र में 27 नक्षत्रों के बारे में बताया गया है, जिसमें से एक पुष्य नक्षत्र भी है। पुष्य नक्षत्र को सभी नक्षत्रों का राजा माना जाता है, जिसे 27 नक्षत्रों में आठवां स्थान प्राप्त है। ये एक शुभ नक्षत्र है, जिसके स्वामी शनि ग्रह और देवता बृहस्पति हैं। जब यह नक्षत्र बुधवार के दिन पड़ता है, तो इसे बुध पुष्य योग कहा जाता है। आइए जानते हैं इस पुष्य नक्षत्र में क्या-क्या करना शुभ होता है।
बुध ग्रह धन और बुद्धि का कारक है, जबकि पुष्य नक्षत्र शुभता और उन्नति का प्रतीक है। बुध पुष्य योग में किए गए कार्य आर्थिक उन्नति में सहायक होते हैं। व्यापार में लाभ और धन प्राप्ति के लिए यह योग विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
इस योग में व्यापार, शिक्षा, या अन्य महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत करना बहुत शुभ माना जाता है। यह समय नई ऊर्जा और सकारात्मकता का प्रतीक है।
बुध पुष्य योग में मंत्र जाप और पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन किए गए मंत्र जाप से न केवल मानसिक शांति मिलती है बल्कि जीवन में सकारात्मकता और ऊर्जा भी बढ़ती है।
संपत्ति खरीदने, नया व्यवसाय शुरू करने, या धन निवेश करने के लिए यह दिन सबसे अच्छा माना जाता है। यह भविष्य में लाभकारी सिद्ध होता है।
गृह निर्माण, गहनों की खरीदारी, और पारिवारिक निर्णयों के लिए यह दिन अत्यंत शुभ होता है। यह योग गृहस्थ जीवन में शांति और संतुलन लाता है।
इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करना बेहद फलदायी माना जाता है। विष्णु मंत्र “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” और लक्ष्मी मंत्र “ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः” का जाप करें।विशेषरूप से इस दिन गणेशजी की उपासना करना बेहद लाभकारी माना गया है।
इस दिन गहने, जमीन, या संपत्ति खरीदना शुभ माना जाता है। यह भविष्य में धन और समृद्धि लाने में मदद करता है।
गाय को हरा चारा खिलाना, गरीबों को भोजन कराना, और जरूरतमंदों को धन या वस्त्र दान करना इस दिन बेहद लाभकारी होता है।